Ushdev International Ltd अब लिक्विडेशन में
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के 16 अक्टूबर, 2025 के आदेश के बाद Ushdev International Ltd अब आधिकारिक तौर पर लिक्विडेशन में है। यह तब हुआ जब NCLT द्वारा पहले स्वीकृत रिजॉल्यूशन प्लान (Resolution Plan) असफल हो गया। रिजॉल्यूशन एप्लीकेंट (Resolution Applicant) भुगतान की समय-सीमा पूरी नहीं कर सका। नतीजतन, कंपनी के लेनदारों (Lenders) ने ₹18.1346 करोड़ (यानी ₹1,813.46 लाख) के बिड बॉन्ड और परफॉरमेंस सिक्योरिटी को जब्त कर लिया है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
शेयरधारकों के लिए यह एक निर्णायक मोड़ है। कंपनी अब एक सक्रिय व्यवसाय के तौर पर काम नहीं करेगी, बल्कि इसके एसेट्स (Assets) को बेचने और रकम वसूलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 (Insolvency and Bankruptcy Code, 2016) के तहत, कंपनी का सारा मैनेजमेंट और ऑपरेशन अब नियुक्त लिक्विडेटर (Liquidator), Trupalkumar Patel को सौंप दिया गया है।
पूरी कहानी क्या है?
कंपनी पहले से ही इंसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स (Insolvency Proceedings) से गुजर रही थी। 3 फरवरी, 2022 को NCLT ने Taguda Pte Ltd द्वारा लाए गए रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। हालांकि, एप्लीकेंट 9 फरवरी, 2024 तक महत्वपूर्ण भुगतान की समय-सीमा का पालन करने में विफल रहा। इसी गैर-अनुपालन की वजह से कंपनी अब लिक्विडेशन की स्थिति में आ गई है।
अब आगे क्या होगा?
कंपनी के सभी मामले, मैनेजमेंट और ऑपरेशन अब पूरी तरह से लिक्विडेटर के नियंत्रण में हैं। कंपनी के बोर्ड की सामान्य कार्यप्रणाली और कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) की गतिविधियां निलंबित कर दी गई हैं। अब सारा ध्यान एसेट्स को व्यवस्थित तरीके से बेचने और लेनदारों के दावों (Creditor Claims) के निपटान पर होगा।
जोखिम क्या हैं?
शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम यह है कि एसेट्स की बिक्री से मिलने वाली रकम, यदि कोई हो, तो वह भी सुरक्षित और परिचालन लेनदारों का भुगतान करने के बाद बहुत कम बचेगी। लिक्विडेशन की स्थिति के कारण कंपनी ने महत्वपूर्ण गवर्नेंस और कंप्लायंस (Compliance) की विफलताओं की भी सूचना दी है।
गवर्नेंस और कंप्लायंस की खामियां
वार्षिक सीक्रेटेरियल कंप्लायंस रिपोर्ट्स (Annual Secretarial Compliance Reports) में लिक्विडेशन के कारण हुई कुछ कमियों को उजागर किया गया है:
- 30 सितंबर, 2025 और 31 दिसंबर, 2025 तक के फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) जमा नहीं किए गए।
- कंपनी में अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) नहीं हैं, जिससे नियमित गवर्नेंस जांच संभव नहीं है।
- कंपनी सेक्रेटरी (Company Secretary) और कंप्लायंस ऑफिसर (Compliance Officer) का पद 23 जून, 2025 से खाली है।
- शेयरहोल्डिंग पैटर्न (Shareholding Pattern) ( 37 दिन), कॉर्पोरेट गवर्नेंस रिपोर्ट (Corporate Governance Report) ( 27 दिन), और शेयर कैपिटल रिकंसिलिएशन (Reconciliation of Share Capital) ( 24 दिन) की फाइलिंग में देरी हुई।
- स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (Structured Digital Database - SDD) 31 मार्च, 2026 तक पूरी तरह से चालू नहीं था।
निवेशकों के लिए खास बात
निवेशकों को यह समझना चाहिए कि Ushdev International Ltd अब इंसॉल्वेंसी के अंतिम चरण में है। कंपनी अब चालू व्यवसाय (Going Concern) नहीं है, और भविष्य की सभी कार्रवाइयां लिक्विडेटर द्वारा एसेट निपटान और लेनदार निपटान की प्रक्रिया से ही तय होंगी। आगे की स्थितियां पूरी तरह से लिक्विडेशन प्रक्रिया की दक्षता और उसके नतीजों पर निर्भर करेंगी।
