इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया से गुजर रही Tricom Fruit Products के लिए एक बड़ी अपडेट है। क्रेडिटर्स की कमेटी (CoC) ने विवेक कुमार रटाकोंडा द्वारा पेश किए गए रेजोल्यूशन प्लान को अपनी सहमति दे दी है। अब सबकी निगाहें NCLT की मुंबई बेंच के फैसले पर टिकी हैं।
रेजोल्यूशन प्लान पर आगे बढ़ी बात
इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत चल रही प्रक्रिया में Tricom Fruit Products को लेकर एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया गया है। कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) ने 4 नवंबर, 2026 को हुई मीटिंग में विवेक कुमार रटाकोंडा के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब यह फाइल NCLT मुंबई के पास अंतिम निर्णय के लिए पहुंच गई है।
कंपनी की वर्तमान स्थिति (Financial Reality)
कंपनी की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। आंकड़ों की बात करें तो:
- Q2 FY27 में कंपनी का नेट लॉस ₹0.0042 करोड़ रहा।
- कंपनी का रेवेन्यू पूरी तरह से शून्य (Zero) है।
- Edelweiss Asset Reconstruction Company ने कंपनी की सभी प्लांट और मशीनरी पहले ही बेच दी है।
- अप्रैल 2017 से कंपनी ने अपने लोन पर कोई ब्याज नहीं दिया है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब NCLT मुंबई बेंच की अगली सुनवाई पर नजर रखनी चाहिए। चूँकि कंपनी के पास फिलहाल कोई परिचालन (Operations) और एसेट नहीं है, इसलिए NCLT का फैसला ही इस बात को तय करेगा कि कंपनी का अस्तित्व आगे बना रहेगा या नहीं। फिलहाल कंपनी का EPS ₹0.00 पर बना हुआ है।
