TeamLease Services के ऊपर **₹32.29 करोड़** की जीएसटी पेनल्टी का तलवार लटक रही है। कर्नाटक हाई कोर्ट में इस मामले पर **27 अक्टूबर, 2026** को सुनवाई होनी है।
कानूनी विवाद का कारण
यह पूरा मामला मैनपावर सर्विसेज के इनवॉइस से जुड़ा है, जो जुलाई 2017 से जुलाई 2022 के बीच जारी किए गए थे। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस का आरोप है कि ये इनवॉइस बिना वास्तविक सर्विस दिए जारी किए गए थे। इसके जवाब में, कमिश्नर ऑफ सीजीएसटी (CGST) और सेंट्रल एक्साइज, मुंबई ने कंपनी पर ₹32.29 करोड़ की पेनल्टी लगाई थी, जिसे कंपनी ने कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
कंपनी का पक्ष
TeamLease Services ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उन्होंने सभी ट्रांजेक्शन कानूनी रूप से सही किए थे और टैक्स नियमों का पूरी तरह पालन किया है। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि टैक्स विभाग का ऑर्डर कानूनी रूप से अधूरा है और इसमें सबूतों को नजरअंदाज किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
अभी के लिए, इस राशि को 'कंटिजेंट लायबिलिटी' (Contingent Liability) के तौर पर रखा गया है, यानी कंपनी का रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित नहीं होगा। लेकिन अगर कोर्ट का फैसला कंपनी के खिलाफ जाता है, तो कंपनी के प्रॉफिट पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। निवेशकों की नजरें अब 27 अक्टूबर, 2026 की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां से इस विवाद का भविष्य तय होगा।
