TeamLease Services को कर्नाटक टैक्स अथॉरिटीज से फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के लिए **₹52.76 करोड़** का GST डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी इस आदेश को चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
टैक्स डिमांड का गणित
कर्नाटक के डिप्टी कमिश्नर ऑफ कमर्शियल टैक्सेज ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के लिए यह नोटिस जारी किया है। इस कुल डिमांड में ₹28.92 करोड़ का बेस टैक्स, ₹20.95 करोड़ का ब्याज (Interest) और ₹2.89 करोड़ की पेनल्टी शामिल है। कंपनी का कहना है कि उन्होंने 9 में से 7 मुद्दों को पहले ही सुलझा लिया था, लेकिन 2 मामले अभी भी विवादित हैं।
क्यों विवाद बढ़ा?
कंपनी का तर्क है कि टैक्स अथॉरिटी ने 'एग्जेम्प्ट सप्लाई' पर गलत तरीके से 18% की दर से टैक्स कैलकुलेशन किया है, जबकि इसे 9% CGST और 9% SGST में बांटा जाना चाहिए था। कंपनी के मुताबिक, सिर्फ इस एक तकनीकी गलती के कारण टैक्स डिमांड में ₹3.27 करोड़ का इजाफा हुआ है।
गवर्नेंस पर उठे सवाल
इस मामले में एक और पेच सामने आया है—कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को इसकी जानकारी देने में 13 दिनों की देरी की। TeamLease ने इसे अपने इनडायरेक्ट टैक्स और सेक्रेटेरियल विभाग के बीच 'इंटरनल कम्युनिकेशन गैप' माना है। हालांकि, कंपनी ने अब अपनी इंटरनल रिपोर्टिंग प्रोसेस को दुरुस्त करने का दावा किया है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों की नजर अब 29 अक्टूबर, 2026 की डेडलाइन पर है, जब कंपनी को 'Form GST DRC-06' के जरिए अपना औपचारिक जवाब देना है। इस मामले का फाइनल रिजल्ट ही तय करेगा कि कंपनी के बैलेंस शीट पर कितना असर पड़ेगा और क्या उन्हें इसके लिए अलग से रिजर्व फंड रखना होगा या नहीं।
