Tayo Rolls Ltd ने जून 2026 तिमाही के लिए स्टेट्यूटरी कंप्लायंस में पूरी तरह से फेल होने की जानकारी दी है। ऑपरेशनल डेडलॉक और NCLAT द्वारा इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया पर लगी रोक के कारण कंपनी गहरे संकट में है।
गवर्नेंस का बड़ा संकट
कंपनी की पूर्व कंप्लायंस ऑफिसर हरप्रीत कौर भामरा ने एक्सचेंज को सूचित किया है कि 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए कोई भी अनिवार्य कंप्लायंस पूरी नहीं की जा सकी है। हैरानी की बात यह है कि कंपनी की वेबसाइट और ईमेल आईडी जैसे सभी कम्युनिकेशन चैनल भी पूरी तरह से बंद पड़े हैं।
क्यों फंसी है कंपनी?
यह संकट कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में आए डेडलॉक का नतीजा है। असल में, सफल रिजॉल्यूशन एप्लीकेंट (SRA) झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) और रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल अनीश अग्रवाल के बीच कानूनी विवाद चल रहा है। हालांकि कोलकाता NCLT ने 17 दिसंबर, 2024 को JBVNL के प्लान को मंजूरी दी थी, लेकिन दिल्ली NCLAT ने इस पर फिलहाल रोक लगा दी है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी के अंदर जारी यह खींचतान और कामकाज का ठप होना सीधे तौर पर शेयरधारकों के लिए बड़ा रिस्क है। अब निवेशकों की नजरें NCLAT की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। जब तक SRA और रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल के बीच का यह कानूनी गतिरोध खत्म नहीं होता, तब तक कंपनी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी।
