Tata Steel के लिए कानूनी मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। ओडिशा सरकार ने कंपनी को मिले ₹4,313.63 करोड़ के डिमांड नोटिस के मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिस पर कोर्ट ने कंपनी को नोटिस जारी कर दिया है।
कानूनी लड़ाई का पूरा मामला
ओडिशा सरकार ने हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें Tata Steel को राहत मिली थी। यह पूरा विवाद सुकिंदा क्रोमाइट ब्लॉक (Sukinda Chromite Block) में मिनरल और क्रोम ओर के डिस्पैच में कथित कमी से जुड़ा है।
विवाद के प्रमुख आंकड़े
- कुल विवादित राशि: ₹4,313.63 करोड़।
- चौथा साल (जुलाई 2023 से जुलाई 2024): ₹1,902.73 करोड़ का डिमांड नोटिस।
- पांचवां साल (जुलाई 2024 से जुलाई 2025): ₹2,410.90 करोड़ का डिमांड नोटिस।
आगे क्या होगा?
ओडिशा हाई कोर्ट ने अप्रैल 2026 में इन डिमांड नोटिसों को रद्द कर दिया था, लेकिन अब मामला देश की सर्वोच्च अदालत में है। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई की तारीख 5 अक्टूबर, 2026 तय की गई है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखता है या कंपनी पर फिर से यह बड़ी वित्तीय देनदारी (Liability) का खतरा मंडराने लगता है।
