Supriya Lifescience के GM (सेल्स एंड मार्केटिंग) श्रीकांत श्रीधरन को NDPS एक्ट से जुड़े मामले में सेशंस कोर्ट से जमानत मिल गई है। कंपनी ने साफ किया है कि इस घटना का कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
क्या है पूरा मामला?
Supriya Lifescience ने BSE को दी गई जानकारी में बताया है कि उनके जनरल मैनेजर (सेल्स एंड मार्केटिंग) श्रीकांत श्रीधरन को 2 नवंबर, 2026 को सेशंस कोर्ट से बेल मिल गई है। यह मामला 'नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस' (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत चल रहा था। कोर्ट ने जमानत देते समय कुछ कानूनी शर्तें भी तय की हैं।
निवेशकों के लिए राहत की बात
शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या इस कानूनी घटना का असर कंपनी के डे-टू-डे ऑपरेशंस पर पड़ेगा? इस पर मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति और बिजनेस ऑपरेशंस पर इसका कोई 'मटेरियल इम्पैक्ट' नहीं है। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि सेल्स फंक्शन और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
आगे क्या होगा?
फिलहाल कंपनी ने कहा है कि वह इस मामले में किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को समय रहते देगी। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे भविष्य में होने वाली कानूनी गतिविधियों पर नजर रखें, हालांकि मौजूदा गाइडेंस के अनुसार कंपनी के कामकाज में कोई रुकावट नहीं है।
