Supreme Infrastructure: NCLT स्कीम के लिए मिली 60 दिन की मोहलत, शेयरधारकों को राहत

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AuthorAditya Rao|Published at:
Supreme Infrastructure: NCLT स्कीम के लिए मिली 60 दिन की मोहलत, शेयरधारकों को राहत

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Supreme Infrastructure India Ltd को अपने कर्ज समाधान (Debt Settlement) की स्कीम को लागू करने के लिए कर्जदाताओं (Lenders) से **60 दिनों** की अतिरिक्त मोहलत मिल गई है। यह NCLT के आदेश और कोर्ट द्वारा नियुक्त कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद हुआ है।

सुप्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली बड़ी राहत

सुप्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया लिमिटेड (Supreme Infrastructure India Ltd) ने अपने कर्ज समाधान (debt settlement) की स्कीम को लागू करने के लिए कर्जदाताओं से 60 दिनों की मोहलत हासिल कर ली है। यह फैसला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के 11 मई, 2026 के एक आदेश के बाद, कोर्ट द्वारा नियुक्त कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया।

क्या हुआ और क्यों है ये अहम

इस बैठक में, कंपनी को अपनी ऋण समाधान योजना को आगे बढ़ाने के लिए 60 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया। कर्जदाताओं ने 'सिद्धांत रूप में' (in principle) इस एक्सटेंशन के लिए सहमति जता दी है, हालांकि उन्हें NCLT के आदेश को अंतिम रूप से मंजूरी देने के लिए कुछ आंतरिक स्पष्टीकरण की आवश्यकता होगी।

यह मोहलत सुप्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल एक निर्धारित समय-सीमा प्रदान करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कंपनी अपने बकाया दायित्वों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धनराशि जुटा चुकी है। प्रक्रिया कानूनी निगरानी में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है।

मामले की पृष्ठभूमि

सुप्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर लंबे समय से एक 'स्कीम ऑफ अरेंजमेंट' (Scheme of Arrangement) के जरिए अपने कर्ज का समाधान करने पर काम कर रही है। हालिया बैठक इसी प्रक्रिया का हिस्सा थी, जिसमें NCLT के आदेश के बाद एस्क्रो तंत्र (escrow mechanisms) को चालू करने पर चर्चा हुई। कंपनी अब तक अपने दायित्वों के भुगतान में अच्छी-खासी प्रगति कर चुकी है।

आगे क्या?

कंपनी को अब ऋण समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए 60 दिनों की खिड़की मिल गई है। इससे आगे की राह स्पष्ट हो गई है और अनिश्चितता कम हुई है।

जोखिम पर नजर

मुख्य जोखिम कर्जदाताओं की 'सिद्धांत रूप में' वाली सहमति है। तीनों शेष ऋणदाताओं से अंतिम मंजूरी और सहयोग इस योजना की सफल समाप्ति के लिए महत्वपूर्ण होगा। यदि यह मोहलत अवधि में पूरा नहीं होता है, तो प्रक्रिया बाधित हो सकती है।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.