Tata Steel को बड़ी राहत! सुप्रीम कोर्ट ने रोकी ₹890 करोड़ टैक्स की वसूली

LAWCOURT
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Tata Steel को बड़ी राहत! सुप्रीम कोर्ट ने रोकी ₹890 करोड़ टैक्स की वसूली
Overview

सुप्रीम कोर्ट ने Tata Steel के ₹890.52 करोड़ के बड़े टैक्स विवाद पर आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। कंपनी का कहना है कि एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के प्रतिकूल फैसले के बावजूद, उनके टैक्स क्रेडिट दावे वैध थे।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Tata Steel के टैक्स विवाद पर बड़ी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने ₹890 करोड़ के टैक्स डिमांड पर लगाई रोक

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने Tata Steel Ltd. के खिलाफ चल रहे एक बड़े टैक्स विवाद से जुड़ी सभी कार्यवाही पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। यह फैसला तब आया जब कंपनी ने एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के प्रतिकूल आदेश के बाद एक स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर की।

Tata Steel को मिली तत्काल राहत

सुप्रीम कोर्ट की इस रोक से विवादित टैक्स के ₹890.52 करोड़ की वसूली, साथ ही लागू ब्याज और जुर्माने पर तत्काल राहत मिली है। Tata Steel जून 2025 में शो कॉज नोटिस मिलने के बाद से इस डिमांड को चुनौती दे रहा था।

विवाद की पृष्ठभूमि

Tata Steel को 13 जून, 2025 को एक डिमांड नोटिस मिला था, जो फाइनेंशियल ईयर 2018-19 से 2020-21 तक इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के कथित अनियमित दावों से संबंधित था। कुल डिमांड ₹890.52 करोड़ थी, जिसमें ब्याज और जुर्माना अलग से था। कंपनी का तर्क था कि उसने बाद के फाइनेंशियल ईयर में वैध रूप से क्रेडिट का दावा किया था, नोटिस समय सीमा से बाहर था, और अथॉरिटी के पास अधिकार क्षेत्र नहीं था।

इन तर्कों के बावजूद, एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने 26 दिसंबर, 2025 को ₹890.52 करोड़ की डिमांड, बराबर जुर्माने और ब्याज की पुष्टि कर दी, जो Tata Steel के सबमिशन को दरकिनार कर रहा था।

आगे क्या होगा?

19 मई, 2026 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, इस टैक्स डिमांड से जुड़ी सभी कार्यवाही फिलहाल रुक गई है। मामला अगली कोर्ट हियरिंग के बाद ही आगे बढ़ेगा, जिसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है। इसका मतलब है कि Tata Steel को इस विशेष विवाद के लिए तत्काल कोई भुगतान नहीं करना होगा।

संभावित जोखिम

Mukesh Ambani के रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर रॉकेट की तरह भाग रहा है। कंपनी के शेयर आज BSE पर 5% से ज़्यादा चढ़ गए, जो पिछले 52 हफ्तों का नया हाई लेवल है।

क्या है ये टैक्स विवाद?

Reliance Industries ने 2024 के Q4 में ₹21,381 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹17,564 करोड़ से 21.7% ज़्यादा है। कंपनी की आय भी 22% बढ़कर ₹2.37 लाख करोड़ हो गई।

क्यों भागा शेयर?

कंपनी के नतीजों से पहले ही यह खबर आई थी कि सरकार 2024 के लिए Reliance Industries के शेयरधारकों को ₹10 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) देगी। इसके अलावा, कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिज़नेस ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है।

आगे क्या?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि Reliance Industries का प्रदर्शन मजबूत बना रहेगा। O2C बिज़नेस में ग्रोथ और नए एनर्जी बिज़नेस (जैसे हाइड्रोजन और बैटरी) में कंपनी का निवेश भविष्य में और तेजी ला सकता है। Reliance के शेयर में आज ₹2,921 का ऑल-टाइम हाई लेवल देखा गया।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.