Sun Granite Export: कंपनी पर NCLT का संकट, दिवालिया प्रक्रिया में बदली मैनेजमेंट की कमान

LAWCOURT
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Sun Granite Export: कंपनी पर NCLT का संकट, दिवालिया प्रक्रिया में बदली मैनेजमेंट की कमान

Sun Granite Export Ltd अब आधिकारिक रूप से कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत आ गई है। NCLT के आदेश के बाद रघुनाथ भंडारी को रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) नियुक्त किया गया है और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सभी अधिकार निलंबित कर दिए गए हैं।

मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव

5 अगस्त, 2026 को NCLT के आदेश के बाद Sun Granite Export Ltd की कमान अब एक नई टीम के हाथ में है। 3 सितंबर, 2026 को हुई कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) की पहली बैठक में रघुनाथ भंडारी को स्थायी रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) के तौर पर मुहर लगा दी गई है। IBC (Insolvency and Bankruptcy Code) 2016 के नियमों के तहत, कंपनी का मौजूदा बोर्ड सस्पेंड हो चुका है और अब सारी वित्तीय व ऑपरेशनल फैसले RP के जरिए ही लिए जाएंगे।

AGM के लिए मिला एक्स्ट्रा समय

मैनेजमेंट ट्रांजिशन के बीच आ रही दिक्कतों को देखते हुए, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC), कटक ने कंपनी को राहत दी है। अब कंपनी अपना एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 31 दिसंबर, 2026 तक आयोजित कर सकती है। यह समय इसलिए दिया गया है ताकि RP को फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स की जांच करने और रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित करने का पर्याप्त समय मिल सके।

निवेशकों के लिए जोखिम

निवेशकों को अब कंपनी की भविष्य की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी होगी। चूंकि प्रक्रिया IBC के तहत चल रही है, इसलिए कंपनी की एसेट लिक्विडेशन या स्ट्रक्चरिंग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसका सीधा असर शेयर की वैल्यू पर पड़ सकता है। आने वाले समय में BSE फाइलिंग्स के जरिए CoC की बैठकों और रेजोल्यूशन प्लान्स पर नजर बनाए रखना बहुत जरूरी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.