इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही Sun Granite Export Ltd की पहली कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) मीटिंग **3 सितंबर, 2026** को तय की गई है।
मीटिंग का एजेंडा क्या है?
इन्सॉल्वेंसी की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब क्रेडिटर्स कंपनी के भविष्य की दिशा तय करेंगे। 3 सितंबर, 2026 को शाम 4:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस पहली मीटिंग में वित्तीय हालात और संभावित रेजोल्यूशन प्लान पर चर्चा होगी। यह बैठक कंपनी के अस्तित्व के लिहाज से सबसे अहम कदम है।
मैनेजमेंट में बदलाव
फिलहाल कंपनी के कामकाज की पूरी जिम्मेदारी इंटरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) रघुनाथ भंडारी के हाथों में है। उन्होंने SEBI के रेगुलेटरी नियमों के तहत इस बैठक का नोटिस जारी किया है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कमेटी क्रेडिटर्स के हितों की सुरक्षा और कंपनी को बचाने के लिए क्या ठोस फैसला लेती है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे BSE की वेबसाइट पर आने वाली अगली फाइल्स और IRP के अपडेट्स पर नजर रखें। कंपनी का भविष्य अब पूरी तरह से क्रेडिटर्स की ओर से लिए जाने वाले निर्णयों पर निर्भर करेगा, जिसमें रीस्ट्रक्चरिंग से लेकर लिक्विडेशन तक के विकल्प खुले हैं।
