Space Incubatrics Technologies Ltd की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने ₹1.19 करोड़ के डिफॉल्ट के चलते कंपनी की कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) शुरू करने का आदेश दिया है। अब कंपनी के बोर्ड के अधिकार निलंबित कर दिए गए हैं और एसेट्स पर रोक लगा दी गई है।
NCLT का बड़ा एक्शन: Space Incubatrics Technologies Ltd अब CIRP के तहत
स्थिति: CIRP शुरू
NCLT आदेश की तारीख: 10.06.2026
निवेशकों के लिए खास: कंपनी पर इंसॉल्वेंसी की कार्रवाई शुरू हो गई है; प्रमोटरों का कंट्रोल खत्म, एसेट्स पर रोक लगी।
क्या हुआ?
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की इलाहाबाद बेंच ने Space Incubatrics Technologies Ltd के खिलाफ कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) शुरू करने की याचिका स्वीकार कर ली है। यह कदम Avail Financial Services Limited के ₹1.19 करोड़ (यानी 119.05 लाख रुपये) के कथित डिफॉल्ट के कारण उठाया गया है।
यह क्यों मायने रखता है?
CIRP शुरू होने के साथ ही, Space Incubatrics Technologies का मैनेजमेंट बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से हटकर अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) श्री दिनेश चंदर गुप्ता को सौंप दिया गया है। इसके अलावा, इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) की धारा 14 के तहत एक मोरेटोरियम (रोक) लागू हो गई है। इसका मतलब है कि कंपनी के खिलाफ कोई नया मुकदमा, संपत्ति का हस्तांतरण या वसूली की कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।
पूरी कहानी
Avail Financial Services Limited ने यह इंसॉल्वेंसी याचिका यह कहते हुए दायर की थी कि डिफॉल्ट 12 जुलाई, 2025 को हुआ था। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रिब्यूनल ने Space Incubatrics Technologies द्वारा इन बकायों के निपटान के लिए एक साल की मोहलत देने के अनुरोध को खारिज कर दिया। वित्तीय ऋणदाता (Financial Creditor) को IRP को शुरुआती प्रक्रिया खर्चों के लिए ₹1 लाख की जमा राशि देने का निर्देश दिया गया है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी का ऑपरेशनल कंट्रोल पूरी तरह से IRP के हाथों में चला गया है। सभी व्यावसायिक निर्णय, संपत्ति प्रबंधन और वित्तीय व्यवहार अब IBC के ढांचे और IRP की निगरानी में होंगे। अब फोकस लेनदारों के दावों को समेकित करने और लेनदारों की समिति (CoC) बनाने पर होगा।
जोखिम
मुख्य जोखिमों में कर्ज चुकाने में असमर्थता, प्रमोटरों द्वारा परिचालन नियंत्रण का पूर्ण नुकसान, और मोरेटोरियम के कारण कंपनी की लिक्विडिटी (तरलता) और संपत्ति की उपलब्धता पर गंभीर प्रतिबंध शामिल हैं। कंपनी की भविष्य की परिचालन व्यवहार्यता काफी हद तक समाधान योजना (Resolution Plan) पर निर्भर करेगी, यदि कोई स्वीकृत होती है।
आगे क्या देखें
निवेशकों को 14 जुलाई, 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। मुख्य विकास में IRP की नियुक्ति और लेनदारों की समिति के गठन की प्रगति शामिल होगी।
