ऑटोमोटिव कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी Schaeffler India को इंदौर GST अथॉरिटी से बड़ा नोटिस मिला है। फाइनेंशियल ईयर **2021 से 2024** के ऑडिट में खामियां बताते हुए **₹13.85 करोड़** की मांग की गई है।
मामला क्या है?
इंदौर के CGST और सेंट्रल एक्साइज विभाग ने 22 अक्टूबर, 2026 को Schaeffler India लिमिटेड को यह डिमांड ऑर्डर जारी किया है। यह नोटिस मुख्य रूप से फाइनेंशियल ईयर 2020-21 से 2023-24 के दौरान हुए GST ऑडिट से जुड़ा है।
क्यों भेजा गया नोटिस?
रेगुलेटरी अथॉरिटी ने कंपनी पर दो मुख्य आरोप लगाए हैं:
- मध्य प्रदेश स्थित वेयरहाउस में 'इनपुट टैक्स क्रेडिट' (ITC) का गलत तरीके से दावा करना।
- होसुर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी से मध्य प्रदेश वेयरहाउस भेजे गए सामान और एग्रीकल्चर सेक्टर के ट्रैक्टर पार्ट्स पर टैक्स रेट्स में अंतर होना।
कंपनी का क्या कहना है?
शेयरहोल्डर्स को चिंता न करने की सलाह देते हुए कंपनी ने साफ कर दिया है कि इस नोटिस का उनकी ऑपरेशंस या फाइनेंशियल सेहत पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ने वाला है। Schaeffler India अब इस फैसले के खिलाफ इंदौर के GST कमिश्नर (अपील) के पास चुनौती देगी। निवेशकों के लिए अब अपील के नतीजों पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि इससे भविष्य के टैक्स नियमों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।
