Sanofi India के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें CBI द्वारा शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की गई थी। हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि फिलहाल कोई जुर्माना या ऑपरेशनल पाबंदी नहीं है, लेकिन अब कानूनी ट्रायल जारी रहेगा।
कोर्ट का फैसला और आगे की राह
सुप्रीम कोर्ट ने 7 सितंबर, 2026 को अपना फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि कंपनी के खिलाफ CBI की कार्यवाही जारी रहेगी। यह मामला साल 2012 से 2015 के बीच मैसूर स्थित Bhabha Atomic Research Centre (BARC) को की गई फार्मास्यूटिकल सप्लाई में कथित अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है।
मामला क्या है?
CBI का आरोप है कि प्रोक्योरमेंट फैसलों को प्रभावित करने के लिए एक साजिश रची गई थी। कंपनी ने कानूनी राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन शीर्ष अदालत के हालिया आदेश ने अब ट्रायल का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला केवल कानूनी कार्यवाही की निरंतरता पर है और इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि कंपनी दोषी करार दी गई है।
निवेशकों के लिए क्या है स्थिति?
कंपनी ने शेयरधारकों को राहत देते हुए कहा है कि इस फैसले का उनके डेली बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही अभी कोई वित्तीय जुर्माना लगाया गया है। मैनेजमेंट फिलहाल इस पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है ताकि भविष्य की कानूनी रणनीति तय की जा सके। बाजार की नजरें अब निचली अदालतों में होने वाली सुनवाई और CBI द्वारा पेश किए जाने वाले सबूतों पर टिकी रहेंगी।
