SAB Events पर मंडराए दिवालियापन के बादल
SAB Events & Governance Now Media Ltd ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में प्री-पैकेज्ड इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (PPIRP) के लिए अर्जी दी है। यह कदम कंपनी की गंभीर वित्तीय परेशानी को दर्शाता है।
कैसे रहे नतीजे?
31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹2.43 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹0.42 करोड़ (₹42.07 लाख) का नेट लॉस दर्ज किया। पिछले साल के ₹0.74 करोड़ के मुकाबले यह घाटा कम है, लेकिन कंपनी को दिवालियापन की प्रक्रिया से नहीं बचा सका।
क्यों चिंताजनक है यह खबर?
PPIRP की शुरुआत कंपनी के संचालन, स्टेकहोल्डर्स के भरोसे और मौजूदा देनदारियों को पूरा करने की क्षमता पर सीधा असर डालेगी। ऑडिटर की क्वालीफाइड ओपिनियन (Qualified Opinion) वित्तीय पारदर्शिता और कंपनी की व्यवहार्यता पर सवाल खड़े करती है।
आगे क्या होगा?
NCLT अब इस रेजोल्यूशन प्रोसेस की निगरानी करेगा। इसमें आमतौर पर कर्ज भुगतान पर रोक लगाना और कंपनी के वित्तीय मुद्दों को हल करने के लिए एक संरचित योजना शामिल होती है। मैनेजमेंट और ऑडिटर ने कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्थिति पर मटेरियल अनसर्टनिटी (Material Uncertainty) जताई है, क्योंकि कंपनी की करंट लायबिलिटीज (Current Liabilities) करंट एसेट्स (Current Assets) से 3.78 गुना ज्यादा हैं।
ऑडिट रिपोर्ट की चिंताएं
कंपनी के ऑडिटर ने ₹2.54 करोड़ (₹253.76 लाख) की अनप्रोवाइडेड इंटरेस्ट लायबिलिटी (Unprovided Interest Liability) पर सवाल उठाए हैं, जो एक अनसिक्योर्ड लेंडर (Unsecured Lender) का बकाया है। ऑडिटर के अनुसार, इस वजह से फाइनेंस कॉस्ट, अदर इक्विटी और करंट लायबिलिटीज कम दिखाई गई हैं, जिससे भविष्य के वित्तीय बयानों में बदलाव की गुंजाइश है। कंपनी का नेट वर्थ (Net Worth) भी ₹2.41 करोड़ निगेटिव है।
