Reliance Power लिमिटेड और उसकी सब्सिडियरी Reliance CleanGen लिमिटेड को डायरेक्टोरेट ऑफ एनफोर्समेंट (ED) ने एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 'प्रस्तावित आरोपी' (proposed accused) बनाया है। यह मामला करीब **₹715 करोड़** के कथित लेन-देन से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
ED ने दिल्ली की स्पेशल CBI कोर्ट के सामने एक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें Reliance Power और Reliance CleanGen का नाम 'प्रस्तावित आरोपी' के तौर पर शामिल किया गया है। यह शिकायत प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 3 और 4 के तहत दर्ज की गई है। कंपनी को हाल ही में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत 'प्री-कॉग्निज़ेंस नोटिस' (Pre-Cognizance notice) मिला है।
क्यों है ये अहम?
यह मामला Reliance Power के लिए एक बड़ा लीगल और रेगुलेटरी झटका है। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप साबित होने पर कंपनी को भारी जुर्माने और प्रतिष्ठा को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
क्या है बैकस्टोरी?
जानकार सूत्रों के मुताबिक, यह केस Reliance Home Finance Limited और अन्य से जुड़े एक पुराने मामले से जुड़ा हो सकता है, जिसमें करीब ₹715 करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे।
आगे क्या होगा?
Reliance Power को अब इस नोटिस का जवाब देना होगा और कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। कंपनी ने कहा है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए सभी उचित कदम उठाएगी। फिलहाल, इस मामले का कंपनी की वित्तीय स्थिति पर क्या असर पड़ेगा, यह बताना मुश्किल है।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को इस कानूनी कार्यवाही पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। संभावित वित्तीय देनदारियों, जुर्माने और कंपनी के कामकाज पर किसी भी तरह के प्रतिबंध पर ध्यान देना ज़रूरी है। सब्सिडियरी का नाम आने से मामला और गंभीर हो जाता है।
