Reliance Infrastructure के Reliance Power में **₹762.75 करोड़** के शेयर फ्रीज कर दिए गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के कथित उल्लंघन के आरोप में यह कार्रवाई की है। कंपनी कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कह रही है।
Reliance Infrastructure के Reliance Power शेयर अटैच
Reliance Infrastructure लिमिटेड ने बताया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Reliance Power लिमिटेड में कंपनी की शेयरहोल्डिंग पर एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है। अटैच किए गए शेयरों का मूल्य ₹762.75 करोड़ है।
क्या हुआ है?
प्रवर्तन निदेशालय ने Reliance Infrastructure के Reliance Power में रखे शेयरों को फिलहाल अटैच कर लिया है। यह कदम 2017-2019 के दौरान प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के कथित उल्लंघनों के आधार पर उठाया गया है।
यह क्यों अहम है?
इस रेगुलेटरी एक्शन का असर Reliance Infrastructure के Reliance Power में किए गए एक बड़े निवेश पर पड़ा है। इस अटैचमेंट से कंपनी इन शेयरों के साथ लेन-देन नहीं कर पाएगी, जिससे वित्तीय और ऑपरेशनल अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। निवेशक अब देखेंगे कि कंपनी इस कानूनी चुनौती से कैसे निपटती है।
मामले की जड़
यह मामला Reliance Infrastructure द्वारा 2017 और 2019 के बीच कथित PMLA उल्लंघनों से जुड़ा है। ED का प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (नंबर 33/2026) Reliance Power में कंपनी की हिस्सेदारी को निशाना बनाता है।
अब क्या बदलेगा?
Reliance Infrastructure अब Reliance Power के अटैच किए गए शेयरों को स्वतंत्र रूप से बेच या हस्तांतरित नहीं कर सकती है। कंपनी ने कहा है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कानूनी रास्ते अपनाएगी।
जोखिम क्या हैं?
मुख्य जोखिम एक लंबी कानूनी लड़ाई और Reliance Infrastructure की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले संभावित असर के साथ-साथ इन शेयरों का उपयोग करने की क्षमता पर है।
