Refex Industries: IT अपील में कंपनी को मिली मिली-जुली राहत, जानें क्या है पूरा मामला

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AuthorAditya Rao|Published at:
Refex Industries: IT अपील में कंपनी को मिली मिली-जुली राहत, जानें क्या है पूरा मामला

Refex Industries को इनकम टैक्स अपील में आंशिक राहत मिली है। कंपनी के खिलाफ **₹0.36 करोड़** के डेप्रिसिएशन डिसअलाउंस को हटा दिया गया है, जबकि **₹17.48 करोड़** के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स मामले को दोबारा मूल्यांकन के लिए भेजा गया है।

टैक्स मामले में क्या हुआ अपडेट?

Refex Industries को असेसमेंट ईयर 2014-15 के लिए कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील्स)-20, चेन्नई से एक अपीलीय आदेश प्राप्त हुआ है। यह मामला मई 2022 में कंपनी द्वारा दायर की गई अपील से जुड़ा है। अथॉरिटी ने री-असेसमेंट की प्रक्रिया को तो सही माना है, लेकिन टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा जोड़े गए कुछ एडिशन्स पर अपनी राय साफ कर दी है।

क्यों अहम है यह फैसला?

कंपनी के लिए एक बड़ी राहत यह है कि ₹36.40 लाख (यानी ₹0.36 करोड़) के डेप्रिसिएशन डिसअलाउंस को खत्म कर दिया गया है। यह कंपनी के रुख की जीत मानी जा रही है। वहीं, ₹17.48 करोड़ के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स वाले बड़े मुद्दे को अभी सेट-असाइड (side aside) कर दिया गया है। अब असेसिंग ऑफिसर को निर्देश दिए गए हैं कि वह इंडियन स्टैंप एक्ट के तहत फाइनल वैल्यूएशन के आधार पर इन गेन्स का दोबारा कैलकुलेशन करें।

आगे की रणनीति और रिस्क

फिलहाल डेप्रिसिएशन का विवाद तो सुलझ गया है, लेकिन कैपिटल गेन्स का मामला अभी पेंडिंग है। कंपनी फिलहाल इस आदेश का गहन अध्ययन कर रही है। अपने वित्तीय हितों की रक्षा के लिए Refex Industries अब ITAT (इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल) में अपील करने पर भी विचार कर रही है।

निवेशकों के लिए रिस्क यह है कि अगर दोबारा असेसमेंट के बाद टैक्स लायबिलिटी निकलती है, तो इसका असर कंपनी की बैलेंस शीट पर पड़ सकता है। कंपनी का कहना है कि किसी भी टैक्स लायबिलिटी को तभी बुक किया जाएगा जब वह अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के मुताबिक पूरी तरह तय (crystallize) हो जाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.