Rashi Peripherals: मुसीबत में कंपनी! कस्टम विभाग का **₹2.15 करोड़** का भारी-भरकम डिमांड नोटिस

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AuthorAditya Rao|Published at:
Rashi Peripherals: मुसीबत में कंपनी! कस्टम विभाग का **₹2.15 करोड़** का भारी-भरकम डिमांड नोटिस

मुंबई कस्टम कमिश्नर ने Rashi Peripherals को **₹2.15 करोड़** का डिमांड नोटिस जारी किया है। यह मामला इंपोर्ट किए गए सामानों के क्लासिफिकेशन से जुड़ा है। कंपनी अब इसके खिलाफ CESTAT में अपील करने की तैयारी कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

मुंबई के प्रिंसिपल कमिश्नर ऑफ कस्टम्स ने 3 नवंबर, 2026 को Rashi Peripherals Ltd के खिलाफ यह ऑर्डर जारी किया है। यह कार्रवाई इंपोर्टेड गुड्स के क्लासिफिकेशन को लेकर शुरू हुई थी। हालांकि, अथॉरिटी ने ₹87.42 लाख की डिमांड को तो हटा दिया है, लेकिन अभी भी कुल ₹2.15 करोड़ (सटीक तौर पर ₹2,15,02,570) की देनदारी बरकरार रखी है। इसमें ₹1.07 करोड़ का डिफरेंशियल ड्यूटी और इतनी ही राशि का पेनल्टी शामिल है।

कंपनी का क्या है अगला कदम?

कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह इस ऑर्डर को अंतिम नहीं मानती है और इसे चुनौती देगी। फिलहाल कानूनी सलाहकारों के साथ चर्चा चल रही है ताकि CESTAT (Customs, Excise and Service Tax Appellate Tribunal) में अपील फाइल की जा सके।

निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?

इस ऑर्डर से कंपनी की बैलेंस शीट पर एक 'कंटिंजेंट लायबिलिटी' (Contingent Liability) बन गई है। फिलहाल, कंपनी के पास 30 दिन का समय है जिसमें अगर वे सेटलमेंट चुनते हैं, तो उन्हें पेनल्टी में 75% तक की राहत मिल सकती है। निवेशकों को नजर रखनी होगी कि क्या कंपनी इस जुर्माने को भरकर मामले को रफा-दफा करती है या लंबी कानूनी लड़ाई में जाती है, जिससे कंपनी के कैश फ्लो पर असर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.