Prism Finance ने ITAT, अहमदाबाद में अपील दायर कर **₹5.16 करोड़** की टैक्स डिमांड को चुनौती दी है। यह मामला असेसमेंट ईयर 2016-17 और 2018-19 से जुड़ा है, जहां कंपनी अब कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
मामला क्या है?
Prism Finance Limited ने नेशनल फेसलेस अपील सेंटर (NFAC) के पुराने आदेशों के खिलाफ अब ITAT, अहमदाबाद बेंच में अपील दाखिल की है। कंपनी का कहना है कि इनकम टैक्स एक्ट की Section 68 और Section 69C के तहत की गई एडिशन्स (Additions) को वह स्वीकार नहीं करती है।
आंकड़ों का गणित
कुल ₹5.16 करोड़ की टैक्स डिमांड दो अलग-अलग असेसमेंट इयर्स (AY) की है:
- AY 2016-17: यहां ₹0.54 करोड़ की डिमांड है, जो ₹0.77 करोड़ और ₹0.02 करोड़ की एडिशन्स से जुड़ी है।
- AY 2018-19: यह हिस्सा बड़ा है, जहां कुल ₹4.62 करोड़ की डिमांड है। इसमें ₹3.09 करोड़ और ₹0.08 करोड़ की एडिशन्स शामिल हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी मैनेजमेंट ने हालांकि अभी किसी बड़े वित्तीय नुकसान की आशंका से इनकार किया है, लेकिन अगर फैसला टैक्स अधिकारियों के पक्ष में जाता है, तो कंपनी को बड़ा कैश आउटफ्लो झेलना पड़ सकता है। फिलहाल, यह मामला 'कंटिंजेंट लायबिलिटी' (Contingent Liability) के तौर पर बना हुआ है। अब निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि ITAT की सुनवाई में क्या दिशा निकलती है और कब अगली तारीख तय की जाती है।
