GST Appellate Tribunal ने Praxis Home Retail को ग्राहकों को GST कटौती का लाभ न देने के लिए **₹3.68 करोड़** और **18%** ब्याज जमा करने का निर्देश दिया है। कंपनी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
बड़ा आर्थिक बोझ
GST Appellate Tribunal (GSTAT) के हालिया आदेश ने Praxis Home Retail Limited की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कंपनी को कुल ₹3,67,88,027 की राशि बतौर 'प्रोफिटीयरिंग अमाउंट' (profiteering amount) जमा करने को कहा गया है। यह फैसला 14 अक्टूबर, 2026 को आया है, जो Director General of Anti-Profiteering (DGAP) की जांच पर आधारित है।
मामला क्या है?
यह पूरा विवाद साल 2017 से 2019 के बीच का है। कंपनी पर आरोप है कि जब मॉड्यूलर किचन के सामान पर GST की दरें 28% से घटाकर 18% की गई थीं, तो कंपनी ने इसका फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचाया। इसमें 18% का ब्याज भी शामिल है, जिससे कंपनी पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि ट्रिब्यूनल ने कोई अतिरिक्त जुर्माना (penalty) नहीं लगाया है क्योंकि यह मामला कानून के नए प्रावधानों के लागू होने से पहले का है।
आगे का रास्ता
कुल राशि में से ₹21,200 एक शिकायतकर्ता को दिए जाएंगे, जबकि बाकी की भारी-भरकम रकम ₹3,67,66,827 Consumer Welfare Funds में जाएगी। फिलहाल, Praxis Home Retail ने कहा है कि वे कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं और इसे ऊपरी अदालतों में चुनौती देने की तैयारी कर सकते हैं। निवेशकों को अब कंपनी के आधिकारिक डिस्क्लोजर पर नजर रखनी चाहिए कि क्या वे इस आदेश के खिलाफ स्टे (stay) लेने में सफल होते हैं या नहीं।
