Polycab India के निवेशकों के लिए एक राहत भरी खबर है। NCLAT ने कंपनी के खिलाफ NCLT द्वारा शुरू की गई इनसॉल्वेंसी कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। कंपनी ने साफ किया है कि वह पूरी तरह से कर्ज-मुक्त (Zero-Debt) है और उसके पास **₹4,000 करोड़** से ज्यादा का कैश मौजूद है।
कानूनी मोर्चे पर राहत
Polycab India को NCLAT (नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल) से बड़ी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने अहमदाबाद NCLT के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके तहत कंपनी के खिलाफ कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) शुरू करने की बात कही गई थी। यह विवाद Asier Metals Private Limited द्वारा ₹2.79 करोड़ के कथित ऑपरेशनल डेट (Operational Debt) क्लेम से जुड़ा है।
कंपनी का मजबूत पक्ष
कंपनी ने इनसॉल्वेंसी की खबरों के बीच निवेशकों के डर को दूर करने के लिए अपनी मजबूत फाइनेंशियल स्थिति का हवाला दिया है। 31 मार्च, 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक:
- कैश पोजीशन: कंपनी के पास ₹4,000 करोड़ से ज्यादा का कैश उपलब्ध है।
- डेट स्टेटस: Polycab एक 'जीरो-डेट' (कर्ज-मुक्त) कंपनी है।
- नेट वर्थ: कंपनी की नेट वर्थ ₹11,682 करोड़ दर्ज की गई है।
मैनेजमेंट का साफ कहना है कि यह मामला इनसॉल्वेंसी का नहीं, बल्कि एक सामान्य कमर्शियल विवाद है।
आगे क्या होगा?
भले ही NCLAT ने फिलहाल राहत दे दी है, लेकिन निवेशकों को 26 अक्टूबर, 2026 का इंतजार करना होगा। इस दिन होने वाली अगली सुनवाई इस मामले के कानूनी भविष्य को तय करेगी। कंपनी इस विवाद को पूरी तरह खारिज करते हुए कानूनी लड़ाई जारी रखेगी।
