Polycab India पर NCLT ने **₹2.79 करोड़** की दिवालिया याचिका को मंजूरी दी है। हालांकि, कंपनी ने इसे सिर्फ एक कमर्शियल विवाद बताया है और वह इसके खिलाफ अपील करने की तैयारी कर रही है।
कानूनी पचड़े में फंसी कंपनी
NCLT की अहमदाबाद बेंच ने Polycab India Ltd के खिलाफ सेक्शन 9 के तहत दिवालिया याचिका (Insolvency petition) को एडमिट कर लिया है। यह याचिका Asier Metals Private Limited द्वारा ₹2.79 करोड़ के कथित ऑपरेशनल डेट को लेकर दाखिल की गई थी। इसके बाद अब कंपनी के खिलाफ कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) शुरू हो गया है।
क्या है मैनेजमेंट का रुख?
कंपनी का साफ कहना है कि यह केवल एक कमर्शियल विवाद है और वे NCLT के फैसले से सहमत नहीं हैं। Polycab जल्द ही नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में इस ऑर्डर को चुनौती देगी। मैनेजमेंट को भरोसा है कि उनके पास इस आदेश को पलटने के लिए मजबूत कानूनी आधार हैं।
फाइनेंशियल हेल्थ का दम
निवेशकों के डर को कम करने के लिए कंपनी ने अपनी मजबूत फाइनेंशियल स्थिति का हवाला दिया है:
- कंपनी पूरी तरह से 'Zero-Debt' है।
- कंपनी के पास ₹4,000 करोड़ से ज्यादा का कैश उपलब्ध है।
- कंपनी की कुल नेट वर्थ ₹11,682 करोड़ है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
फिलहाल, कंपनी का कहना है कि उनके कामकाज पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, निवेशकों को अब NCLAT में होने वाली सुनवाई और कंपनी द्वारा दी जाने वाली रेगुलेटरी अपडेट्स पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
