Pitti Engineering ने महाराष्ट्र स्टेट टैक्स विभाग द्वारा की गई GST सर्च कार्रवाई को सफलतापूर्व बंद कर दिया है। कंपनी ने **₹0.78 करोड़** की लायबिलिटी का भुगतान करने पर सहमति जताई है, जिसमें ब्याज भी शामिल है।
मामला क्या है?
Pitti Engineering लिमिटेड ने महाराष्ट्र के डिप्टी कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स द्वारा की गई सर्च कार्यवाही के समापन की घोषणा की है। यह जांच FY 2022-23 से FY 2026-27 की अवधि के लिए थी, जो 13 अक्टूबर 2026 को पूरी हो गई। कंपनी ने RCM (रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म), TDS क्रेडिट और ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) से जुड़ी विसंगतियों को सुलझाते हुए भुगतान करने का फैसला किया है।
निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?
इस निपटारे से कंपनी के ऊपर चल रही रेगुलेटरी अनिश्चितता खत्म हो गई है। कुल कैश आउटफ्लो ₹77.92 लाख का है, जिसमें ₹63.38 लाख का मूल टैक्स और ₹14.53 लाख का ब्याज शामिल है। मैनेजमेंट का मानना है कि कानूनी पात्रता के अधीन, यह भुगतान कंपनी को ITC के रूप में वापस मिल सकता है।
फाइनेंशियल और ऑपरेशनल असर
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस भुगतान का उसके फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स या डेली बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने पूरी प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों का पूरा सहयोग किया है।
लायबिलिटी का ब्रेकडाउन
टैक्स लायबिलिटी को तीन मुख्य हिस्सों में बांटा गया है:
- RCM: ₹26.88 लाख टैक्स + ₹10.00 लाख ब्याज
- TDS क्रेडिट एडजस्टमेंट: ₹27.99 लाख टैक्स + ₹1.46 लाख ब्याज
- ITC रिवर्सल: ₹8.51 लाख टैक्स + ₹3.07 लाख ब्याज
