Oswal Overseas ने Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) से सफलतापूर्वक बाहर निकलने का रास्ता साफ कर लिया है। NCLT ने कंपनी द्वारा State Bank of India (SBI) के साथ **₹2.80 करोड़** के सेटलमेंट को मंजूरी दे दी है।
राहत की खबर: NCLT से मिली मंजूरी
NCLT दिल्ली ने Oswal Overseas के खिलाफ चल रही दिवाला प्रक्रिया (CIRP) को वापस लेने के आदेश को मंजूरी दे दी है। 2 सितंबर 2026 को जारी इस फैसले के साथ ही कंपनी को फिर से अपनी पुरानी स्थिति में बहाल कर दिया गया है। कंपनी ने अपने इकलौते फाइनेंशियल क्रेडिटर, State Bank of India के साथ ₹2.80 करोड़ का भुगतान कर मामला सुलझा लिया है।
कंपनी के लिए क्या हैं मायने?
यह घटना कंपनी की स्थिरता के लिहाज से बेहद अहम है। CIRP खत्म होने के बाद अब कंपनी की संपत्तियों पर लगा मोरेटोरियम हट गया है। इसके साथ ही, इंटरिम रिजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) श्री मंजीत आर्य को भी उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है। कानूनी बाधाएं दूर होने के बाद अब ओरिजिनल मैनेजमेंट वापस अपनी पूरी शक्ति के साथ रोजाना के कामकाज और स्ट्रैटेजिक फैसलों को संभाल सकेगा।
बैकग्राउंड और आगे का रास्ता
याद दिला दें कि 8 जून 2026 को Oswal Overseas के खिलाफ CIRP की प्रक्रिया शुरू की गई थी। कंपनी के मैनेजमेंट ने 23 जून 2026 को डिमांड ड्राफ्ट के जरिए सेटलमेंट राशि का भुगतान किया था, जिसे कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स ने 100% की सहमति दी थी। अब कंपनी का पूरा ध्यान बिजनेस ऑपरेशंस को सामान्य बनाने और फाइनेंशियल स्थिति को सुधारने पर होगा। कानूनी जंजाल से बाहर आने के बाद कंपनी के पास अब एक नई शुरुआत करने का मौका है।
