Nova Iron & Steel Share: बड़ी राहत! NCLT ने खारिज की ₹306 करोड़ की दिवालिया अर्जी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Nova Iron & Steel Share: बड़ी राहत! NCLT ने खारिज की ₹306 करोड़ की दिवालिया अर्जी

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने Nova Iron & Steel Ltd के खिलाफ Bhushan Power & Steel (BPSL) की ₹306.52 करोड़ की दिवालिया अर्जी खारिज कर दी है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि कोई कर्ज बकाया नहीं था और इस सौदे को 'प्रोजेक्ट फंडिंग' माना।

Nova Iron & Steel Ltd: NCLT ने दिवालिया अर्जी खारिज की

Nova Iron & Steel Ltd के शेयरों के लिए आज राहत भरी खबर आई है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), कटक बेंच ने Bhushan Power & Steel Limited (BPSL) द्वारा दायर दिवालिया अर्जी को खारिज कर दिया है।

इस मामले में Bhushan Power & Steel ने 1 फरवरी, 2024 तक ₹306.52 करोड़ के डिफॉल्ट का दावा किया था, जिसमें ₹125.84 करोड़ मूलधन और ₹180.68 करोड़ ब्याज शामिल था।

क्या हुआ?

NCLT, कटक बेंच ने इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC), 2016 की धारा 7 के तहत BPSL की अर्जी को खारिज कर दिया। यह आदेश 5 अगस्त, 2026 को दिया गया था।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

इस फैसले से Nova Iron & Steel Ltd को बड़ी कानूनी राहत मिली है, क्योंकि BPSL द्वारा शुरू की गई कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) को रोक दिया गया है। NCLT ने पाया कि BPSL का दावा स्वीकार करने लायक नहीं था।

पूरी कहानी

BPSL ने कुल ₹306.52 करोड़ के डिफॉल्ट का दावा किया था। हालांकि, NCLT ने पाया कि BPSL की बुक्स में कोई कर्ज बकाया नहीं था, क्योंकि यह राशि फाइनेंशियल ईयर 2019-20 में एकतरफा राइट-ऑफ कर दी गई थी। ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि यह वित्तीय सहायता 'प्रोजेक्ट फंडिंग' या व्यावसायिक लक्ष्यों के लिए एक निवेश थी, न कि कोई अलग से दिया गया लोन।

इसके अलावा, NCLT ने यह भी नोट किया कि BPSL की 5 सितंबर, 2019 से प्रभावी हुई स्वीकृत रेजोल्यूशन प्लान ने Nova जैसे अन्य शेयरधारकों के साथ सभी पिछले समझौतों को समाप्त कर दिया था।

अब क्या बदलेगा?

कंपनी अब BPSL की दिवालिया कार्यवाही के तत्काल खतरे से बाहर है, जिससे मैनेजमेंट इस बड़े कानूनी बोझ के बिना अपने व्यावसायिक संचालन पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा।

जोखिम

ट्रिब्यूनल की जांच में फंड की हेराफेरी के ऐतिहासिक आरोप का जिक्र किया गया था, जो इस सौदे के मिलीभगत होने के तर्क का हिस्सा था। निवेशकों को पिछले गवर्नेंस मुद्दों से उत्पन्न किसी भी निरंतर जांच या प्रतिष्ठा पर प्रभाव के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

आगे क्या देखें?

निवेशक इस कानूनी समाधान के बाद कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और परिचालन अपडेट को देखने के इच्छुक होंगे। पिछले गवर्नेंस आरोपों से संबंधित किसी भी आगे के घटनाक्रम पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.