Nectar Lifesciences: हाई कोर्ट का बड़ा झटका, ₹95.56 करोड़ का टैक्स विवाद फिर से खुला

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Nectar Lifesciences: हाई कोर्ट का बड़ा झटका, ₹95.56 करोड़ का टैक्स विवाद फिर से खुला

Punjab and Haryana High Court ने Nectar Lifesciences के एक पुराने टैक्स मामले को दोबारा Appellate Authority के पास भेज दिया है। इस फैसले के चलते कंपनी पर **₹95.56 करोड़** की संभावित टैक्स लायबिलिटी का संकट फिर से मंडराने लगा है।

हाई कोर्ट के फैसले के मायने

Punjab and Haryana High Court ने 24 सितंबर, 2026 को दिए अपने आदेश में CGST, Ludhiana के कमिश्नर से जुड़े मामले को वापस Appellate Authority के पास विचार करने के लिए भेज दिया है। इस आदेश ने 27 मई, 2025 के उस पुराने फैसले को फिलहाल रोक दिया है, जिसमें कंपनी को बड़ी राहत मिली थी।

क्या है पूरा मामला?

इस कानूनी दांव-पेंच के कारण कंपनी के सामने अब ₹95.56 करोड़ का टैक्स एक्सपोजर दोबारा खड़ा हो गया है। इसमें ₹89.32 करोड़ की वह मांग शामिल है जिसे पहले ड्रॉप कर दिया गया था, साथ ही ₹6.24 करोड़ की एक अन्य डिमांड भी अब फिर से जांच के दायरे में आ गई है।

पुरानी राहत हुई खत्म

मई 2025 में Commissioner (Appeal) ने कंपनी को बड़ी राहत दी थी, जिसमें न केवल ₹89.32 करोड़ की मांग को हटाया गया था, बल्कि कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, मिस्टर संजीव गोयल (Sanjiv Goyal) पर लगाए गए व्यक्तिगत जुर्माने को भी रद्द कर दिया गया था। अब कोर्ट के नए आदेश ने उस राहत को अनिश्चितता के घेरे में डाल दिया है।

निवेशकों के लिए आगे का रास्ता

फिलहाल यह कानूनी लड़ाई पेंडिंग स्टेज में चली गई है। कंपनी मैनेजमेंट ने साफ किया है कि यदि आगामी सुनवाई में फैसला उनके पक्ष में नहीं आता है, तो वे इसे चुनौती देने के लिए Tribunal का रुख कर सकते हैं। फिलहाल निवेशकों के लिए सलाह है कि वे कोर्ट की सुनवाई की तारीखों और मैनेजमेंट के अगले कदमों पर करीबी नजर बनाए रखें, क्योंकि इसका असर कंपनी के कैश-फ्लो और बैलेंस शीट पर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.