NIS Management Ltd को Employees' State Insurance Corporation (ESIC) की ओर से एक शो-कॉज नोटिस मिला है, जिसमें कंपनी से **₹92.17 लाख** की रिकवरी की मांग की गई है।
कानूनी विवाद की वजह
कोलकाता स्थित ESIC रीजनल ऑफिस ने NIS Management को यह नोटिस जुलाई 2018 से जून 2019 की अवधि के लिए जारी किया है। नियामक संस्था का आरोप है कि इस दौरान कंपनी की ओर से ₹92.17 लाख की राशि का बकाया या हर्जाना बनता है, जिसकी वसूली के लिए अब कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कंपनी का रुख
निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह इस दावे को स्वीकार नहीं करती है। कंपनी फिलहाल इस नोटिस के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखने के लिए जरूरी दस्तावेजों को तैयार कर रही है। NIS Management का इरादा इस दावे को कानूनी रूप से चुनौती देने का है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
मौजूदा समय में इस मामले का फाइनेंशियल असर अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, यदि कानूनी लड़ाई में कंपनी विफल रहती है, तो उसे बड़ा कैश आउटफ्लो झेलना पड़ सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी के एक्सचेंज फाइलिंग्स पर नजर रखें, क्योंकि आने वाले समय में ESIC का अंतिम फैसला ही स्टॉक पर असर डालेगा।
