NCLAT ने MSCI को Polycab India के शेयरों को इंडेक्स से हटाने से रोक दिया है। यह अंतरिम राहत कंपनी के लिए बड़ी जीत है, क्योंकि इससे पैसिव सेलिंग का दबाव टल गया है और अब मामला कोर्ट में रहने तक स्टॉक इंडेक्स का हिस्सा बना रहेगा।
इंडेक्स से बाहर होने का खतरा टला
NCLAT ने 27 अक्टूबर, 2026 को MSCI को निर्देश दिया है कि जब तक कंपनी की अपील (Company Appeal No. 1940 of 2026) का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक Polycab के शेयरों को इंडेक्स से बाहर न किया जाए। यह आदेश ऐसे समय आया है जब 28 अक्टूबर, 2026 से MSCI का रिव्यू साइकिल शुरू होने वाला था।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
इंडेक्स से बाहर होने का सीधा मतलब होता है—पैसिव फंड्स और ETFs द्वारा भारी बिकवाली। इस अंतरिम स्टे (Stay) के कारण Polycab ने एक संभावित लिक्विडिटी क्राइसिस को टाल दिया है। फिलहाल संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का पैसा इंडेक्स में सुरक्षित रहेगा।
आगे क्या है जोखिम?
निवेशकों को याद रखना चाहिए कि यह राहत केवल एक अंतरिम उपाय है। कंपनी के खिलाफ चल रहे इनसॉल्वेंसी (Insolvency) मामले में Bharat Ajay Jaisinghani और Asier Metals Private Limited के बीच कानूनी लड़ाई अभी जारी है। कोर्ट का अंतिम फैसला ही यह तय करेगा कि स्टॉक का इंडेक्स में भविष्य क्या होगा।
अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?
बाजार के जानकारों के मुताबिक, अब निवेशकों को एक्सचेंज पर आने वाले अपडेट्स और NCLAT की अगली सुनवाई पर नजर रखनी चाहिए। अंतिम फैसले के बाद इंडेक्स रीलेंसिंग का जोखिम फिर से पैदा हो सकता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।
