NCLT की अहमदाबाद बेंच ने Mercury Trade Links Ltd के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) शुरू कर दी है। **₹2.70 करोड़** के बकाया कर्ज के चलते कंपनी का पूरा नियंत्रण अब अंतरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) मनीष कुमार भगत के पास चला गया है।
NCLT का बड़ा एक्शन
दिवालिया प्रक्रिया का यह मामला ₹2.70 करोड़ के अनपेड ऑपरेशनल कर्ज से जुड़ा है, जिसके लिए Fettech Commercial Enterprises Pvt. Ltd. ने NCLT में याचिका दायर की थी। यह प्रक्रिया 'इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड' (IBC) की धारा 9 के तहत शुरू की गई है।
अब क्या होगा?
कंपनी का कामकाज अब मौजूदा मैनेजमेंट के बजाय अंतरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) मनीष कुमार भगत संभालेंगे। वर्तमान में कंपनी पर एक अनिवार्य मोरेटोरियम (Moratorium) लागू कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब कंपनी की संपत्तियों को न तो बेचा जा सकेगा और न ही उन पर कोई नया कानूनी केस किया जा सकेगा।
निवेशकों के लिए जोखिम
अगले कुछ दिनों में IRP लेनदारों (Creditors) से दावे आमंत्रित करेंगे और 'कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स' (CoC) का गठन किया जाएगा। CoC ही तय करेगी कि कंपनी को रिवाइवल प्लान के जरिए बचाया जाएगा या फिर इसे लिक्विडेशन (Liquidation) की ओर ले जाया जाएगा। शेयरधारकों के लिए चिंता की बात यह है कि कंपनी का कामकाज पूरी तरह से अब फाइनेंशियल रिस्ट्रक्चरिंग पर केंद्रित हो गया है, जिससे भविष्य में ट्रेडिंग सस्पेंशन या डीलिस्टिंग का खतरा भी बना हुआ है।
