Krishanveer Forge कानूनी संकट में फंस गई है। कंपनी को पुणे की जमीन से जुड़े **1991** के एक सेल डीड पर **₹4.60 करोड़** के सिविल मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है।
कानूनी विवाद की जड़
Krishanveer Forge Ltd को खेड़, पुणे की सिविल कोर्ट से एक औपचारिक नोटिस मिला है। मामला साल 1991 में हुए एक सेल डीड से जुड़ा है। वादी (Plaintiffs) उषा दत्तात्रेय खातपे और अन्य लोगों ने दावा किया है कि खेड़ तालुका के खराबावड़ी गांव में स्थित कंपनी की जमीन में उनका 1/3 हिस्सा है। वे अब इस जमीन के बंटवारे और कब्जे की मांग कर रहे हैं।
कंपनी का पक्ष
कंपनी के मैनेजमेंट ने 10 अक्टूबर, 2026 को नोटिस मिलने की पुष्टि की है। कंपनी का साफ कहना है कि वादी द्वारा बताई गई ₹4.60 करोड़ की वैल्यूएशन का कोई आधार नहीं है। कंपनी अपने मालिकाना हक (Title) को लेकर काफी आश्वस्त है और कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इससे उनके ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जमीन के मालिकाना हक को लेकर छिड़ी यह कानूनी जंग निवेशकों की चिंता बढ़ा सकती है। लंबे समय तक चलने वाले कानूनी विवादों में कंपनी का कीमती समय और पैसा खर्च होता है, जो आने वाले समय में प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे कोर्ट के अगले आदेशों और कंपनी की तरफ से आने वाली अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।
