Kalpataru Projects JV: दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, Kurukshetra Expressway के दावों पर झटका

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AuthorMehul Desai|Published at:
Kalpataru Projects JV: दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, Kurukshetra Expressway के दावों पर झटका

Delhi High Court ने Kurukshetra Expressway Private Limited (KEPL) के पक्ष में आए आर्बिट्रेशन अवार्ड को आंशिक रूप से खारिज कर दिया है। यह मामला रोहतक-बावल रोड प्रोजेक्ट के टर्मिनेशन पेमेंट और ब्याज से जुड़ा है, जिसमें Kalpataru Projects International की बड़ी हिस्सेदारी है।

कोर्ट का फैसला और विवाद की जड़

सितंबर 2026 में आए इस फैसले ने जुलाई 2026 के आदेश को बरकरार रखा है। यह पूरा विवाद National Highways Authority of India (NHAI) और KEPL के बीच रोहतक-बावल रोड प्रोजेक्ट को लेकर है। साल 2021 में किसानों के आंदोलन के कारण टोल कलेक्शन प्रभावित हुआ था, जिसके बाद कॉन्ट्रैक्ट को टर्मिनेट कर दिया गया था। कोर्ट ने अवार्ड के कुछ हिस्सों को तो सही माना, लेकिन टर्मिनेशन पेमेंट और उस पर लगने वाले ब्याज से जुड़े दावों को खारिज कर दिया है।

निवेशकों के लिए क्यों है यह चिंताजनक?

आर्बिट्रेशन अवार्ड को आमतौर पर प्रोजेक्ट क्लोजर और कैश रिकवरी का रास्ता माना जाता है। लेकिन कोर्ट के इस रुख से निवेशकों को अब लंबे इंतजार का सामना करना पड़ सकता है। टर्मिनेशन पेमेंट और ब्याज के दावों के खारिज होने से इस जॉइंट वेंचर के लिए कैपिटल रिकवरी की राह और कठिन हो गई है, जो सीधे तौर पर कंपनी के फाइनेंशियल आउटलुक को प्रभावित करती है।

कंपनी का अगला कदम

KEPL की मैनेजमेंट फिलहाल हार मानने को तैयार नहीं है। कंपनी ने कानूनी सलाहकारों के साथ चर्चा के बाद साफ कर दिया है कि वे हाई कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने के लिए एक नई अपील दायर करेंगे। Kalpataru Projects International Limited (KPIL), जो इसमें 49.57% की हिस्सेदारी रखती है, इस पूरे कानूनी घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए है ताकि जॉइंट वेंचर में अपने हितों की रक्षा की जा सके।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों को अब कंपनी द्वारा दायर की जाने वाली नई अपील और अदालती कार्यवाही की टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े इस पुराने मामले में किसी भी तरह की कानूनी देरी का सीधा असर बैलेंस शीट पर पड़ सकता है, जो आने वाले समय में मुख्य रिस्क फैक्टर बना रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.