NCLT चेन्नई ने Marg Limited के खिलाफ Jyoti Ltd की इनसॉल्वेंसी याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला **₹22.67 करोड़** के ऑपरेशनल कर्ज की वसूली से जुड़ा है।
NCLT का बड़ा फैसला
चेन्नई स्थित नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने Jyoti Ltd द्वारा Marg Limited के खिलाफ दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है। यह केस 'इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड' (IBC) के सेक्शन 9 के तहत दायर किया गया था, जिसमें ब्याज सहित कुल ₹22.67 करोड़ की रिकवरी का दावा किया गया था।
क्यों है यह मामला अहम?
7 अगस्त, 2026 को NCLT डिविजन बेंच-II द्वारा दिए गए इस फैसले के बाद, Jyoti Ltd के लिए फिलहाल यह कानूनी रास्ता बंद हो गया है। कंपनी अब अपनी बकाया राशि की वसूली के लिए सीधे इनसॉल्वेंसी प्रोसेस का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी, जो कंपनी के लिए एक बड़ा झटका है।
आगे का रास्ता और रिस्क
कंपनी ने एक्सचेंज को दी जानकारी में स्पष्ट किया है कि वे इस आदेश के खिलाफ अपील करने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि:
- अनिश्चितता: इस मुकदमे में अब और देरी होगी, जिससे कैश इनफ्लो की उम्मीद फिलहाल टल गई है।
- कानूनी खर्च: लंबी लड़ाई के कारण कंपनी के लीगल एक्सपेंस बढ़ सकते हैं।
- निगरानी: शेयरधारकों को अब अगली कानूनी सुनवाई और कंपनी के कानूनी दांव-पेच पर बारीक नजर रखने की जरूरत है।
