Jainco Projects India के लिए मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। कंपनी का FY26 में प्रॉफिट घटकर **₹0.69 लाख** रह गया है, वहीं एक बैंक ने NCLT कोलकाता में **₹12.63 करोड़** के डिफॉल्ट को लेकर दिवालिया होने की याचिका दायर की है।
मुनाफे में सुस्ती और कानूनी शिकंजा
Jainco Projects India के हालिया फाइनेंशियल रिजल्ट्स ने निवेशकों को निराश किया है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹75.47 लाख रहा, जबकि नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹0.73 लाख से गिरकर ₹0.69 लाख पर आ गया है। कंपनी ने भविष्य की जरूरतों का हवाला देते हुए कोई भी डिविडेंड देने से मना कर दिया है।
NCLT में फंसी कंपनी
सबसे बड़ी चिंता कंपनी के ऊपर चल रहे कानूनी मामले हैं। एक बैंक ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) की धारा 7 के तहत NCLT कोलकाता बेंच में याचिका दायर की है। बैंक का दावा है कि कंपनी पर ₹12.63 करोड़ का बकाया है। हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि वे इस मामले को मजबूती से लड़ रहे हैं, लेकिन NCLT में किसी भी तरह का फैसला कंपनी के भविष्य और शेयरधारकों के लिए बड़ा रिस्क हो सकता है।
गवर्नेंस और कंप्लायंस में चूक
सिर्फ फाइनेंशियल ही नहीं, कंपनी की इंटरनल गवर्नेंस पर भी सवाल खड़े हुए हैं। सीक्रेटेरियल ऑडिट में कई खामियां पकड़ी गई हैं:
- कमेटी गठन: लिस्टिंग नियमों के मुताबिक जरूरी कमेटियां सही ढंग से गठित नहीं थीं।
- रिकॉर्ड कीपिंग: बोर्ड और कमेटी मीटिंग्स के नोटिस भेजने और रिकॉर्ड रखने में लापरवाही बरती गई।
- डिस्क्लोजर: वेबसाइट पर जानकारी पूरी तरह अपडेटेड नहीं थी और रेगुलेटरी फाइलिंग में डायरेक्टर्स की नियुक्ति की तारीखें भी गलत दर्ज थीं।
- कंपनी सेक्रेटरी: क्वालिफाइड कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति को लेकर भी नियमों का पालन नहीं किया गया।
अन्य अपडेट्स
Jainco Projects ने कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (Calcutta Stock Exchange) से वॉलंटरी डीलिस्टिंग के लिए आवेदन किया है और एक्सचेंज के कामकाज न करने का हवाला देते हुए लिस्टिंग फीस देना भी बंद कर दिया है। इसके अलावा कंपनी कई प्रॉपर्टी और क्रेडिटर से जुड़े विवादों में भी उलझी हुई है। निवेशकों को अब 30 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM और NCLT के फैसलों पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
