Agrochemical कंपनी Indogulf Cropsciences के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कंपनी के खिलाफ **₹6.93 करोड़** के टैक्स डिमांड को रद्द कर दिया है। इससे कंपनी अपनी जमा की गई रकम ब्याज समेत वापस पा सकेगी, जो कि एक बड़ी वित्तीय अनिश्चितता को खत्म करता है।
Indogulf Cropsciences को मिली बड़ी राहत
Indogulf Cropsciences लिमिटेड को ₹6.93 करोड़ की टैक्स डिमांड खत्म होने के बाद जमा की गई राशि ब्याज समेत वापस मिलेगी। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कंपनी के पक्ष में यह अहम फैसला सुनाया है।
**क्या हुआ?
21 अगस्त 2026 को कंपनी ने बताया कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अंतिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कमिश्नर, सेंट्रल GST कमिश्नरेट, रोहतक द्वारा जारी ऑर्डर-इन-ऑरिजनल और शो-कॉज नोटिस को रद्द कर दिया है। ये नोटिस 30 दिसंबर 2025 और 9 मई 2026 को जारी किए गए थे और Indogulf Cropsciences द्वारा कथित तौर पर गलत तरीके से क्लेम किए गए IGST रिफंड से संबंधित थे।
**क्यों है यह अहम?
टैक्स विभाग लगभग ₹6.93 करोड़ (₹6,93,12,901) के IGST रिफंड की रिकवरी और साथ ही ₹1.55 करोड़ (₹1,54,58,004) के ब्याज की मांग कर रहा था। हाई कोर्ट का इन मांगों को खारिज करने का फैसला कंपनी के लिए एक बड़ी जीत है।
इससे एक बड़ी वित्तीय देनदारी खत्म हो गई है और वह अनिश्चितता भी दूर हो गई है जो कंपनी के संचालन और मुनाफे को प्रभावित कर सकती थी। कंपनी ने पहले ही विवादित राशि और ब्याज को प्रोटेस्ट के तहत जमा करा दिया था ताकि किसी भी प्रतिकूल कार्रवाई से बचा जा सके।
**क्या बदलेगा?
हाई कोर्ट के अंतिम आदेश के बाद, टैक्स डिमांड पूरी तरह से खत्म हो गई है। अब GST विभाग Indogulf Cropsciences द्वारा जमा की गई ₹6.93 करोड़ की मूल राशि और ₹1.55 करोड़ का ब्याज वापस करने के लिए बाध्य है।
**आगे क्या?
निवेशकों को अब इस बात पर नज़र रखनी चाहिए कि कंपनी को यह रिफंड कितनी जल्दी मिलता है। टैक्स विभाग की ओर से किसी भी तरह की देरी कंपनी की लिक्विडिटी (नकदी) पर अस्थायी दबाव डाल सकती है। कंपनी के वर्किंग कैपिटल और कैश रिजर्व पर इसके प्रभाव को ट्रैक करना महत्वपूर्ण होगा।
