Honasa Consumer की निकली लॉटरी! आर्बिट्रेशन में जीते ₹25.54 करोड़, लगा स्थायी स्टे

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AuthorAditya Rao|Published at:
Honasa Consumer की निकली लॉटरी! आर्बिट्रेशन में जीते ₹25.54 करोड़, लगा स्थायी स्टे

Honasa Consumer को आर्बिट्रेशन (Arbitration) में बड़ी जीत मिली है। कंपनी का अवार्ड **5.58 मिलियन AED** बढ़कर **9.92 मिलियन AED** यानी **₹25.54 करोड़** हो गया है। साथ ही, कंपनी ने अपने काउंटरपार्टी के खिलाफ स्थायी रोक (Permanent Injunction) भी हासिल कर ली है।

Honasa Consumer के लिए आई अच्छी खबर

Honasa Consumer Limited को आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन एक्ट, 1996 की धारा 33 के तहत एक बड़ा और अपने पक्ष में फैसला मिला है। इस फैसले के बाद 'लॉस ऑफ प्रॉफिट्स' (Loss of Profits) अवार्ड की रकम बढ़ाई गई है। अब कंपनी को कुल मिलाकर करीब 9.92 मिलियन AED (लगभग ₹25.54 करोड़) की रकम मिलेगी। कंपनी ने अपने काउंटरपार्टी, RSMM जनरल ट्रेडिंग LLC के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा (Permanent Prohibitory Injunction) भी हासिल कर ली है।

क्या हुआ है?

Honasa Consumer ने आर्बिट्रल अवार्ड में हुए गणितीय और लिपिकीय त्रुटियों को ठीक करने के लिए एक आवेदन दायर किया था। आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल ने इस आवेदन को स्वीकार कर लिया है। 'लॉस ऑफ प्रॉफिट्स' अवार्ड को 7.32 मिलियन AED तक बढ़ा दिया गया है, जो कि एक रेफरेंस एरर को ठीक करने के कारण हुआ है। इसके अलावा, सब्स्टीट्यूशन कॉस्ट (Substitution Costs) को भी 744,758 AED पर समायोजित किया गया है। ट्रिब्यूनल ने RSMM जनरल ट्रेडिंग LLC को कंपनी के एग्रीमेंट के डिस्प्यूट रेजोल्यूशन क्लॉज (Dispute Resolution Clauses) का उल्लंघन करने वाले किसी भी कार्य को करने से रोकने के लिए स्थायी रोक लगाने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं, RSMM को दुबई की अदालतों में Honasa के खिलाफ चल रही संबंधित कार्यवाही से होने वाली किसी भी वित्तीय वसूली के बराबर हर्जाना देने के लिए भी उत्तरदायी ठहराया गया है।

यह क्यों मायने रखता है?

इस फैसले से Honasa Consumer की वित्तीय रिकवरी की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि अवार्ड की रकम बढ़ा दी गई है। स्थायी रोक (Permanent Injunction) कंपनी को महत्वपूर्ण कानूनी सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे काउंटरपार्टी को विदेशी न्यायालयों में ऐसा मुकदमा दायर करने से रोका जा सकता है जो उनके समझौते को दरकिनार करता हो। इसके साथ ही, हर्जाना क्लॉज (Indemnity Clause) दुबई कोर्ट में चल रहे मामलों से होने वाले संभावित नुकसान के खिलाफ एक वित्तीय कवच का काम करेगा।

क्या है पूरा मामला?

यह आर्बिट्रेशन Honasa Consumer Limited और RSMM जनरल ट्रेडिंग LLC के बीच एक विवाद से उपजा है। शुरुआती आर्बिट्रल अवार्ड 14 मई, 2026 को जारी किया गया था। Honasa Consumer ने 'लॉस ऑफ प्रॉफिट्स' की गणना में फाइनेंशियल ईयर के संदर्भों से संबंधित त्रुटियों को ठीक कराने की मांग की थी।

अब क्या बदलेगा?

कंपनी की संभावित रिकवरी बढ़ गई है और उसे काउंटरपार्टी के विदेशी अदालतों में उठाए जाने वाले कदमों के खिलाफ मजबूत कानूनी सुरक्षा मिल गई है। निवेशक अब इस अवार्ड की रकम के समय पर भुगतान पर नजर रखेंगे।

ध्यान रखने योग्य जोखिम

अगर 9.92 मिलियन AED का कुल अवार्ड 30 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है, तो पोस्ट-अवार्ड ब्याज (Post-award interest) लागू होगा। AED घटक के लिए EIBOR + 2% या INR घटक के लिए SBI प्राइम लेंडिंग रेट + 2% की दर से ब्याज लगेगा। यह देरी से कैश इनफ्लो (Cash Inflow) का संकेत दे सकता है। हर्जाना क्लॉज (Indemnity Clause) का अस्तित्व यह भी बताता है कि दुबई की अदालतों में संबंधित कार्यवाही अभी भी जारी है।

मुख्य आंकड़े

'लॉस ऑफ प्रॉफिट्स' का संशोधित अवार्ड 7.32 मिलियन AED है, जो कि मूल 4.34 मिलियन AED से ज़्यादा है। संशोधित सब्स्टीट्यूशन कॉस्ट 744,758 AED है। कुल मौद्रिक भुगतान लगभग 9,918,514 AED (यानी ₹25.54 करोड़) है। कंपनी द्वारा इनकर्ड आर्बिट्रेशन कॉस्ट ₹0.77 करोड़ है।

आगे क्या देखें

निवेशकों को 9.92 मिलियन AED के अवार्ड के भुगतान की स्थिति पर नज़र रखनी चाहिए और देखना चाहिए कि 30-दिन की समय सीमा पूरी होती है या नहीं। दुबई कोर्ट में चल रही संबंधित कार्यवाही के किसी भी विकास पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण होगा।

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