Heranba Industries के लिए अच्छी खबर आई है। कंपनी ने Haresh Petrochem Private Limited के साथ अपना IBC से जुड़ा मामला सुलझा लिया है। NCLT, अहमदाबाद ने सेटलमेंट के बाद एप्लीकेशन वापस लेने की इजाजत दे दी है, जिससे कंपनी पर दिवालियापन की प्रक्रिया शुरू होने का बड़ा खतरा टल गया है।
NCLT में IBC एप्लीकेशन पर सेटलमेंट
Heranba Industries Limited ने बताया है कि Haresh Petrochem Private Limited के साथ उसका एक कानूनी मामला सुलझ गया है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), अहमदाबाद ने दोनों पार्टियों के बीच हुए सेटलमेंट के बाद, इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC), 2016 के सेक्शन 9 के तहत फाइल की गई एप्लीकेशन को वापस लेने की इजाजत दे दी है।
क्या हुआ?
कंपनी ने कन्फर्म किया है कि NCLT, अहमदाबाद ने Haresh Petrochem Private Limited द्वारा फाइल की गई एप्लीकेशन को सेटलमेंट के बाद वापस लिया हुआ मान लिया है। यह एप्लीकेशन IBC, 2016 के सेक्शन 9 से संबंधित थी।
क्यों है यह अहम?
यह डेवलपमेंट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे Heranba Industries के खिलाफ संभावित इंसॉल्वेंसी (दिवालियापन) की कार्यवाही का खतरा खत्म हो गया है। इस सेटलमेंट से कंपनी का बिजनेस लगातार चलता रहेगा और एक बड़ा कानूनी जोखिम कम हो गया है, जिसका असर कंपनी के ऑपरेशन्स और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी पर पड़ सकता था।
पुरानी कहानी
Heranba Industries ने पहले स्टॉक एक्सचेंजों को बताया था कि Haresh Petrochem Private Limited ने मार्च 2026 में यह एप्लीकेशन फाइल की थी। अब आपसी सहमति से इस मामले को सुलझा लिया गया है, जिसके चलते इसे NCLT से वापस ले लिया गया है।
अब क्या बदलेगा?
NCLT के इस ऑर्डर से यह खास कानूनी मामला बंद हो गया है। सबसे खास बात यह है कि Heranba Industries ने कन्फर्म किया है कि इस एप्लीकेशन के चलते कभी भी कोई कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) शुरू नहीं हुई थी।
आगे क्या देखना है?
इस लीगल मामले के निपटारे के बाद, इन्वेस्टर्स कंपनी के लगातार अच्छे ऑपरेशन्स और फाइनेंशियल ग्रोथ पर नज़र रखेंगे।
