Grovy India Ltd को आईटीएटी (ITAT) से बड़ी कानूनी जीत मिली है। ट्रिब्यूनल ने कंपनी पर लगे **₹1 करोड़** के अनएक्सप्लेंड कैश क्रेडिट टैक्स को हटा दिया है, जिससे कुल टैक्स डिमांड में बड़ी राहत मिली है।
कानूनी जीत से मिली राहत
आईटीएटी (ITAT), दिल्ली ने असेसमेंट ईयर 2020-21 के मामले में Grovy India Ltd के पक्ष में फैसला सुनाया है। टैक्स अधिकारियों ने ₹1 करोड़ के ट्रांजेक्शन को 'अनएक्सप्लेंड कैश क्रेडिट' मानते हुए टैक्स डिमांड खड़ी की थी, जिसे अब ट्रिब्यूनल ने खारिज कर दिया है। कंपनी अपनी साख और ट्रांजेक्शन की प्रामाणिकता साबित करने में सफल रही है।
कंपनी के लिए मायने
पहले कंपनी पर कुल ₹119.24 लाख की टैक्स डिमांड थी। इस फैसले के बाद कंपनी का फाइनेंशियल बोझ काफी कम हो गया है। इसे कॉरपोरेट गवर्नेंस और अनुपालन (Compliance) के नजरिए से भी कंपनी के लिए एक पॉजिटिव संकेत माना जा रहा है।
अभी किन बातों पर नजर रखें?
मुख्य विवाद भले ही सुलझ गया हो, लेकिन कुछ तकनीकी मामले अभी भी खुले हैं। इसमें सेक्शन 148 के तहत अधिकार क्षेत्र और सेक्शन 271AAC(1) के तहत पेनल्टी जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा, सेक्शन 234B, 234C और 234D के तहत ब्याज की गणना पर फैसला आना बाकी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस कानूनी डेवलपमेंट का उनके मौजूदा कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
