Globe Civil Projects के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। फाइनेंशियल ईयर 2017-18 के TDS डिपॉजिट में देरी को लेकर इनकम टैक्स विभाग ने कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मामला क्या है?
इनकम टैक्स विभाग ने Globe Civil Projects Ltd के खिलाफ Section 276B और 278B के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की है। यह मामला साल 2017-18 के दौरान TDS जमा करने में हुई कथित देरी से जुड़ा है। वर्तमान में यह केस दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट (ACJM कोर्ट) में पेंडिंग है, जिसमें कंपनी के साथ-साथ उसके प्रमोटरों और डायरेक्टरों को भी प्रतिवादी बनाया गया है।
कंपनी का क्या है कहना?
मैनेजमेंट ने सफाई देते हुए कहा है कि यह मुद्दा उनके रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में पहले ही डिस्क्लोज किया जा चुका था। कंपनी का दावा है कि उन्होंने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने से पहले ही पूरा TDS, ब्याज और जुर्माना जमा कर दिया था। कंपनी के अनुसार, अब उन पर इस टैक्स से जुड़ी कोई भी बकाया देनदारी नहीं है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
हालांकि कंपनी का कहना है कि वे कंपाउंडिंग (Compounding) के जरिए इस मामले को सुलझा सकते हैं, जिसकी अनुमानित देनदारी ₹20 लाख तक हो सकती है, लेकिन मामला कोर्ट तक पहुंचना चिंता का विषय है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क 'गवर्नेंस' से जुड़ा है। जब कंपनी का मैनेजमेंट कानूनी पचड़ों में फंसता है, तो उसका असर कामकाज पर पड़ सकता है।
आगे क्या ट्रैक करें?
शेयरधारकों को अब BSE की फाइलिंग पर पैनी नजर रखनी होगी। कंपनी की कानूनी रणनीति, कंपाउंडिंग एप्लिकेशन की प्रगति और अदालत के फैसलों पर ही इस बात का फैसला होगा कि यह कानूनी तनाव जल्द खत्म होगा या कंपनी के लिए लंबे समय की परेशानी बनेगा।
