GeeCee Ventures को बड़ी कानूनी राहत मिली है। ITAT ने असेसमेंट ईयर 2017-18 के लिए कंपनी पर लगी **₹13.4 करोड़** की टैक्स डिमांड को खारिज कर दिया है।
ITAT का बड़ा फैसला
आईटीएटी (ITAT) मुंबई ने GeeCee Ventures के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ₹13.4 करोड़ की टैक्स डिमांड को रद्द कर दिया है। यह मामला असेसमेंट ईयर 2017-18 से जुड़ा था, जिसमें पहले कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील्स) ने विभाग के पक्ष में आदेश दिया था। अब ट्रिब्यूनल ने इस पुराने आदेश को खारिज कर दिया है।
क्यों मिली कंपनी को राहत?
ट्रिब्यूनल ने पाया कि टैक्स विभाग द्वारा जारी किया गया री-असेसमेंट नोटिस कानूनी रूप से मान्य नहीं था। आयकर अधिनियम की धारा 151 के तहत विभाग ने जरूरी मंजूरी (Approval) नहीं ली थी, जिसके चलते धारा 148 के तहत जारी नोटिस को 'void ab initio' (शुरुआत से ही शून्य) करार दिया गया है।
आगे क्या होगा?
टैक्स विभाग के इस आदेश के बाद, असेसिंग ऑफिसर (Assessing Officer) अब इस फैसले को औपचारिक रूप से लागू करेंगे। इस घटनाक्रम से कंपनी की टैक्स देनदारी का बोझ कम हो गया है। निवेशक अब कंपनी की ओर से आने वाले फाइनल कंसीक्वेंशियल ऑर्डर का इंतजार कर रहे हैं, जिससे इस मामले का पूर्ण निपटारा हो जाएगा।
