Diffusion Engineers को टैक्स मामले में बड़ी राहत मिली है। अपीलीय अथॉरिटी ने फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) विवाद को खारिज करते हुए कंपनी पर लगाई गई ₹1.44 करोड़ की डिमांड और पेनल्टी को हटा दिया है।
राहत भरी खबर
Diffusion Engineers Ltd के लिए एक बड़ी कानूनी जीत सामने आई है। नागपुर के एडिशनल कमिश्नर (Appeals), कस्टम्स, CGST और सेंट्रल एक्साइज ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया है। इसके साथ ही मार्च 2026 में जारी किए गए उस पुराने आदेश को रद्द कर दिया गया है, जिसमें कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के ITC इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए थे।
क्या था पूरा मामला?
प्रशासन ने कंपनी से ₹72.14 लाख का टैक्स और उतनी ही रकम यानी ₹72.14 लाख की पेनल्टी मांगी थी। ब्याज जोड़कर यह कुल देनदारी ₹1.44 करोड़ के करीब पहुंच रही थी, जिसे CGST एक्ट, 2017 की धारा 74 के तहत चुनौती दी गई थी। अब अपीलीय अथॉरिटी ने शो-कॉज नोटिस और ओरिजिनल ऑर्डर दोनों को ही खारिज कर दिया है, जिससे कंपनी को इस मामले में पूरी तरह से राहत मिल गई है।
आगे क्या?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अब इस मामले में उन पर कोई भी लायबिलिटी नहीं बची है। निवेशकों को सलाह है कि वे आगामी तिमाही नतीजों के डिस्क्लोजर पर नजर रखें, जिससे यह साफ हो जाएगा कि बैलेंस शीट से इस कॉन्टिन्जेंट लायबिलिटी (Contingent Liability) को हटा दिया गया है।
