Dharan Infra-EPC Ltd ने Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) के तहत अपने लेनदारों (creditors) की औपचारिक सूची जारी कर दी है। इसमें LIC Housing Finance, Canara Bank और Central Bank of India जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
लेनदारों की लिस्ट का खुलासा
21 अक्टूबर, 2026 तक की स्थिति के अनुसार, कंपनी ने लेनदारों की विस्तृत रिपोर्ट शेयर बाजारों में दाखिल कर दी है। इंटरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) पलक स्वप्निल देसाई की देखरेख में लेनदारों को 5 प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। यह फाइलिंग 3 नवंबर, 2026 को पूरी की गई।
निवेशकों के लिए क्यों जरूरी है यह कदम?
यह कदम NCLT की इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे उन पार्टियों की पहचान स्पष्ट हो गई है जिनका कंपनी पर कर्ज बकाया है। इसमें प्रमुख बैंकों के साथ-साथ होम बायर्स (home buyers) का नाम भी शामिल है। यह लिस्ट कंपनी के डेट रीस्ट्रक्चरिंग (debt restructuring) या लिक्विडेशन प्लान को तय करने में आधार का काम करेगी।
बैकग्राउंड और आगे की राह
यह कंपनी, जिसे पहले KBC Global Limited और Karda Construction Limited के नाम से जाना जाता था, अब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), मुंबई बेंच के तहत अपनी फाइनेंशियल चुनौतियों को सुलझाने की कोशिश कर रही है।
अब निवेशकों को NCLT की अगली फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए, जिसमें रेजोल्यूशन प्लान और कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) की मीटिंग्स के अपडेट्स सामने आएंगे। IRP अब इन दावों के सत्यापन (verification) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे, जिससे कंपनी के भविष्य का रास्ता तय होगा।
