Cemindia Projects ने Inland Waterways Authority of India (IWAI) के खिलाफ ₹130 करोड़ के दावे के लिए आर्बिट्रेशन (Arbitration) शुरू कर दिया है। यह विवाद पश्चिम बंगाल के हल्दिया में एक IWT टर्मिनल के कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है।
Cemindia Projects ने IWAI के खिलाफ शुरू की ₹130 करोड़ की आर्बिट्रेशन
Cemindia Projects Ltd ने Inland Waterways Authority of India (IWAI) के खिलाफ ₹130 करोड़ के दावों के लिए औपचारिक रूप से आर्बिट्रेशन (Arbitration) की कार्यवाही शुरू कर दी है। यह विवाद पश्चिम बंगाल के हल्दिया में एक मल्टी-मोडल IWT टर्मिनल के इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (EPC) से संबंधित है।
क्या हुआ?
दावों के निपटारे के लिए 30 जुलाई, 2026 को एक आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल का गठन किया गया। इस ट्रिब्यूनल में रिटायर्ड जस्टिस देवी प्रसाद सिंह प्रेसाइडिंग आर्बिट्रेटर, श्री संजय कुमार को-आर्बिट्रेटर और श्री एस. साउंडाराরাজন को-आर्बिट्रेटर होंगे।
क्यों है यह अहम?
यह कदम प्रमाणित और अप्रमाणित बिलों, अतिरिक्त कार्यों, देरी से भुगतान के ब्याज और रिटेंशन मनी की वापसी जैसे महत्वपूर्ण दावों की वसूली के लिए एक औपचारिक कानूनी रास्ता खोलता है। ₹130 करोड़ की वसूली ट्रिब्यूनल के फैसले पर निर्भर करेगी।
पूरी कहानी
Cemindia Projects, जो पहले ITD Cementation India Limited के नाम से जानी जाती थी, IWAI के साथ हल्दिया टर्मिनल के लिए एक EPC कॉन्ट्रैक्ट में शामिल थी। वर्तमान आर्बिट्रेशन इसी प्रोजेक्ट से संबंधित परिचालन और संविदा संबंधी असहमति से उत्पन्न हुआ है।
आगे क्या?
कंपनी संविदा संबंधी असहमति से एक औपचारिक आर्बिट्रेशन प्रक्रिया में आ गई है। निवेशकों को ट्रिब्यूनल की कार्यवाही की प्रगति और समय-सीमा पर नज़र रखनी होगी।
जोखिम
दावों की कुल राशि एक अनुमान है और इसमें संशोधन हो सकता है। आर्बिट्रेशन समाप्त होने तक अंतिम वसूली अनिश्चित है।
