Baron Infotech Ltd की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी के रिवाइवल प्लान को चुनौती मिलने के बाद NCLAT ने 'स्टेस्टस को' (Status Quo) बरकरार रखने का आदेश दिया है, जिससे Innopark (India) Private Limited की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है।
कानूनी दांव-पेंच में फंसी कंपनी
Baron Infotech Ltd अभी 'कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस' (CIRP) से गुजर रही है। हालांकि NCLT की हैदराबाद बेंच ने पहले Innopark (India) Private Limited के रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी थी, लेकिन एक असफल बिडर, विवेक कुमार रटाकोंडा ने इस फैसले को NCLAT में चुनौती दे दी है। इस कानूनी विवाद के चलते NCLAT चेन्नई बेंच ने मौखिक आदेश जारी कर स्थिति को जस का तस रखने (Status Quo) का निर्देश दिया है।
क्यों है यह निवेशकों के लिए चिंता?
कंपनी फिलहाल नॉन-ऑपरेटिव है और रेजोल्यूशन प्लान ही उसके पुनरुद्धार (Revival) का एकमात्र जरिया था। इस कानूनी बाधा ने कंपनी के बिजनेस फिर से शुरू होने की राह में बड़ा रोड़ा अटका दिया है।
अब आगे क्या?
अब रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) और कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) को अपनी दलीलें NCLAT के सामने पेश करनी होंगी। ट्रिब्यूनल ने इसके लिए 3 नवंबर से 6 नवंबर 2026 के बीच का समय तय किया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
फिलहाल ट्रिब्यूनल के लिखित आदेश का इंतजार है। जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती और अगली सुनवाई नहीं होती, कंपनी का भविष्य अधर में है। किसी भी तरह की देरी सीधे तौर पर डेट रेजोल्यूशन की टाइमलाइन को प्रभावित करेगी।
