Airfloa Rail Technology पर गिरी गाज! CSR पेनल्टी हुई दोगुनी, कंपनी करेगी हाई कोर्ट में चुनौती

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Airfloa Rail Technology पर गिरी गाज! CSR पेनल्टी हुई दोगुनी, कंपनी करेगी हाई कोर्ट में चुनौती

Airfloa Rail Technology की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। कंपनी पर कॉर्पोरेट सोशल रिस्पोंसिबिलिटी (CSR) के नियमों का पालन न करने पर पेनल्टी दोगुनी कर दी गई है। कंपनी अब इस फैसले को मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।

Airfloa Rail Technology पर CSR पेनल्टी का दोहरा झटका

Airfloa Rail Technology Limited को एक बड़ा झटका लगा है। कंपनी पर कॉर्पोरेट सोशल रिस्पोंसिबिलिटी (CSR) के नियमों का पालन न करने के कारण लगाई गई पेनल्टी को क्षेत्रीय निदेशक (RD) ने वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2022-23 के लिए दोगुना कर दिया है। कंपनी इन बढ़ी हुई पेनल्टी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में है।

क्यों हुआ यह सब?

यह मामला कंपनी के 'अनस्पेंट CSR फंड' को निर्धारित समय सीमा के अंदर ट्रांसफर करने में हुई देरी से जुड़ा है। यह कंपनी एक्ट, 2013 की धारा 135(5) और 135(6) के तहत अनिवार्य है। कंपनी का कहना है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन ठीक कर लिया था और वे स्वेच्छा से इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे थे।

बढ़कर कितनी हुई पेनल्टी?

पहले कंपनी पर कुल ₹0.90 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹1.84 करोड़ कर दिया गया है। यह चार वित्तीय वर्षों में कुल बढ़ी हुई पेनल्टी है।

  • FY 2019-20: पिछली पेनल्टी ₹0.17 करोड़ थी, अब बढ़कर ₹0.35 करोड़ हो गई।
  • FY 2020-21: पिछली पेनल्टी ₹0.26 करोड़ थी, अब बढ़कर ₹0.52 करोड़ हो गई।
  • FY 2021-22: पिछली पेनल्टी ₹0.27 करोड़ थी, अब बढ़कर ₹0.54 करोड़ हो गई।
  • FY 2022-23: पिछली पेनल्टी ₹0.20 करोड़ थी, अब बढ़कर ₹0.39 करोड़ हो गई।

इसके अलावा, कंपनी के डायरेक्टर्स पर भी ₹1.73 लाख से ₹2.00 लाख प्रति व्यक्ति तक का जुर्माना लगाया गया है।

आगे क्या?

Airfloa Rail Technology इस मामले को मद्रास हाई कोर्ट में Writ Application फाइल करके चुनौती देगी। निवेशकों को कंपनी के इस कानूनी कदम और कोर्ट के फैसले पर बारीकी से नज़र रखने की सलाह दी जाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.