मद्रास हाईकोर्ट ने Airfloa Rail Technology को CSR नियमों के उल्लंघन से जुड़े पेनाल्टी ऑर्डर पर अंतरिम रोक (stay) दे दी है। हालांकि, यह राहत सशर्त है और कंपनी को 12 सप्ताह के भीतर मूल पेनाल्टी का 50% भुगतान करना होगा।
कोर्ट की ओर से राहत और शर्तें
Airfloa Rail Technology Ltd को मद्रास हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कंपनी को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) और रीजनल डायरेक्टर (RD) द्वारा जारी किए गए पेनाल्टी ऑर्डर्स पर अंतरिम स्टे मिल गया है। यह विवाद फाइनेंशियल ईयर 2019-20 से 2022-23 के दौरान CSR दायित्वों को पूरा करने में हुई देरी से जुड़ा था।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह स्टे तभी बरकरार रहेगा जब कंपनी ₹50.71 लाख (मूल ROC पेनाल्टी का 50%) की राशि 12 सप्ताह के भीतर जमा कर दे।
मामला क्या है?
इस मामले में मूल ROC पेनाल्टी ₹1.05 करोड़ तय की गई थी, जिसे बाद में रीजनल डायरेक्टर ने दोगुना कर दिया था। यह कानूनी लड़ाई Companies Act, 2013 की धारा 135(7) के पालन को लेकर है। फिलहाल, स्टे मिलने से कंपनी को फौरन रिकवरी के दबाव से राहत मिली है, लेकिन कानूनी तलवार अभी लटकी हुई है।
आगे की चुनौतियां
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि यह कोई अंतिम फैसला नहीं है, बल्कि एक अंतरिम राहत है। अगर कोर्ट का अंतिम फैसला कंपनी के खिलाफ जाता है, तो वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है। साथ ही, अगर कंपनी तय समय सीमा में पेमेंट नहीं करती है, तो यह स्टे खत्म हो सकता है। अब निवेशकों की नजरें 20 जनवरी 2027 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां फाइनल लायबिलिटी पर फैसला आने की उम्मीद है।
