Star Health and Allied Insurance ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1 FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **57%** बढ़कर **₹815 करोड़** हो गया है, जिसके पीछे बेहतर अंडरराइटिंग और AI-आधारित क्लेम प्रोसेसिंग का बड़ा हाथ है।
मुनाफे की रफ्तार और रेवेन्यू का गणित
कंपनी ने इस छमाही में बेहतरीन वापसी की है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कंपनी का इंश्योरेंस रेवेन्यू 15% बढ़कर ₹9,930 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹8,641 करोड़ था। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी ने ₹24 करोड़ के अंडरराइटिंग लॉस से निकलकर ₹210 करोड़ का अंडरराइटिंग प्रॉफिट दर्ज किया है।
क्यों बेहतर हुआ प्रदर्शन?
कंपनी के कंबाइंड इंश्योरेंस सर्विस रेशियो (CISR) में सुधार देखा गया है, जो पिछले साल के 100.3% से घटकर 97.9% पर आ गया है। इसके अलावा, कंपनी की इन्वेस्टमेंट इनकम 21% की उछाल के साथ ₹911 करोड़ रही है, जबकि कुल एसेट्स बढ़कर ₹22,491 करोड़ हो गए हैं।
डिस्ट्रीब्यूशन और डिजिटल दांव
Star Health ने अपनी ताकत प्रोप्रायटरी चैनल्स पर केंद्रित की है, जो अब ग्रॉस रिटेन प्रीमियम (GWP) का 90% से ज्यादा हिस्सा संभालते हैं। इनके एजेंट्स का नेटवर्क बढ़कर 8.7 लाख हो गया है। वहीं, डिजिटल D2C चैनल का रिटेल फ्रेश GWP 137% की रफ्तार से बढ़कर ₹236 करोड़ पर पहुंच गया है। इसके अलावा, 96% क्लेम अब AI-ML प्लेटफॉर्म के जरिए निपटाए जा रहे हैं।
निवेशको के लिए सतर्कता बिंदु
सब कुछ अच्छा होने के बावजूद निवेशकों को कंपनी के कर्ज प्रबंधन पर नजर रखनी चाहिए। नवंबर 2026 तक ₹70 करोड़ का सब-डेट (sub-debt) बकाया है, जिसे समय रहते चुकाना कंपनी की प्राथमिकता है। भविष्य में कंबाइंड रेशियो को 100% से नीचे बनाए रखना और एजेंट्स की उत्पादकता में निरंतरता ही आगे की ग्रोथ तय करेगी।
