Life Insurance Corporation of India (LIC) ने अपने बोर्ड में बड़ा बदलाव करते हुए 5 नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स को शामिल किया है। ये नियुक्तियां **4 साल** के कार्यकाल के लिए की गई हैं, जिसमें बैंकिंग, फाइनेंस और फिनटेक के दिग्गज शामिल हैं।
बोर्ड में नए चेहरों का आगमन
LIC के बोर्ड ने नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिशों के आधार पर इन नामों पर मुहर लगाई है। 7 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होने वाली इन नियुक्तियों में अनुभवी प्रोफेशनल्स को जगह दी गई है:
- श्री शैलेश कुमार सिंह: 1991 बैच के रिटायर्ड IAS अधिकारी, जिन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर और अर्बन डेवलपमेंट का लंबा अनुभव है।
- श्री डेविड पॉल रस्किन्हा: Exim Bank के पूर्व MD और CEO, जो इंटरनेशनल फाइनेंस में माहिर हैं।
- श्री श्याम श्रीनिवासन: Federal Bank के पूर्व MD और CEO, जिनका बैंकिंग ट्रांसफॉर्मेशन में 14 साल का ट्रैक रिकॉर्ड है।
- श्री गणेश कुमार सुंदर अय्यर: Reserve Bank of India के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, साइबर सिक्योरिटी और पेमेंट सिस्टम के एक्सपर्ट।
- श्री गौरव कुमार: Yubi Group के फाउंडर और CEO, जो फिनटेक और डिजिटल लेंडिंग सेक्टर की गहरी समझ रखते हैं।
क्यों खास हैं ये नियुक्तियां?
सरकारी कंपनी होने के नाते LIC अब अपनी बोर्ड की क्षमता को और प्रोफेशनल बना रही है। खास बात यह है कि ये नए डायरेक्टर न केवल प्रशासन, बल्कि टेक्नोलॉजी और मॉडर्न फाइनेंशियल मार्केट्स के भी जानकार हैं। इससे LIC को डिजिटल बदलाव और रिस्क मैनेजमेंट में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।
आगे क्या होगा?
LIC ने साफ किया है कि ये नियुक्तियां सभी रेगुलेटरी मानकों के अनुरूप हैं और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं है। अब निवेशकों की नजरें आगामी शेयरहोल्डर मीटिंग पर टिकी हैं, जहां इन नियुक्तियों पर अंतिम मुहर लगेगी। साथ ही, ये नए सदस्य बोर्ड की अलग-अलग कमेटियों का हिस्सा बनेंगे, जो आने वाले समय में कंपनी की इन्वेस्टमेंट पॉलिसी तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
