General Insurance Corporation of India (GIC Re) ने शानदार फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **25.23%** बढ़कर **₹8,392.18 करोड़** पहुंच गया है, साथ ही निवेशकों के लिए **₹13.25** प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया गया है।
मुनाफे की रफ्तार और डिविडेंड का तोहफा
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए शानदार परफॉर्मेंस दिखाई है। पिछले साल के ₹6,701.36 करोड़ के मुकाबले, इस बार कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) बढ़कर ₹8,392.18 करोड़ हो गया है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने शेयरधारकों को खुश करते हुए ₹13.25 प्रति शेयर का डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जो पिछले साल के ₹10 से ज्यादा है। ग्रॉस प्रीमियम इनकम में भी 6.93% की बढ़त देखी गई है, जो अब ₹44,006.74 करोड़ पर है।
क्यों मजबूत है कंपनी?
नतीजों में कंपनी का अंडरराइटिंग अनुशासन साफ झलक रहा है। इसका 'कम्बाइंड रेशियो' 108.81% से सुधरकर 106.02% पर आ गया है, जबकि 'इनकर्ड क्लेम रेशियो' गिरकर 85.40% हो गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी का 'सॉल्वेंसी रेशियो' 4.21 है, जो कि रेगुलेटरी लिमिट 1.50 से कहीं ज्यादा है, जो इसकी मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ को दर्शाता है।
गवर्नेंस और रेगुलेटरी चिंताएं
नतीजों के साथ-साथ एक छोटा सा रिस्क फैक्टर भी सामने आया है। सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में बोर्ड और कमिटी के कंपोजिशन (Composition) को लेकर कुछ कमियां पाई गई हैं। कंपनी का कहना है कि यह एक सरकारी संस्था है और नियुक्तियां वित्त मंत्रालय द्वारा की जाती हैं। वे SEBI के नियमों (LODR) का पूरी तरह पालन करने के लिए लगातार मंत्रालय से संपर्क में हैं।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को बोर्ड में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, 22 सितंबर 2026 को होने वाली 54वीं AGM में कंपनी की भविष्य की रणनीतियों और ग्लोबल रिस्क फैक्टर्स पर स्पष्टता मिल सकती है।
