Zelio E-Mobility ने कोयंबटूर में 39,000 वर्ग फुट का नया प्लांट शुरू किया है, जिससे कंपनी की सालाना उत्पादन क्षमता 33% बढ़कर 2,40,000 यूनिट्स हो गई है। यह विस्तार दक्षिण भारत में कंपनी की ग्रोथ और 550 से ज़्यादा डीलरशिप्स के लक्ष्य को सपोर्ट करेगा।
Zelio E-Mobility का कोयंबटूर प्लांट तैयार, क्षमता में आया 33% का इजाफा
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी Zelio E-Mobility ने अपनी उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा किया है। कंपनी ने कोयंबटूर, तमिलनाडु में 39,000 वर्ग फुट का नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू किया है। इस नई सुविधा के चालू होने से कंपनी की सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी 33% बढ़कर 2,40,000 यूनिट्स हो गई है। यानी अब कंपनी 60,000 यूनिट्स ज़्यादा बना पाएगी।
क्यों है यह विस्तार ज़रूरी?
यह कदम Zelio E-Mobility के लिए बहुत बड़ा स्ट्रेटेजिक मूव है। इससे कंपनी को दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिलेगी और सप्लाई चेन भी बेहतर होगी। यह विस्तार कंपनी के उस बड़े लक्ष्य को पूरा करने में सहायक होगा, जिसके तहत वह अपना डीलर नेटवर्क बढ़ाना चाहती है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, खासकर दक्षिणी राज्यों में, जिस तेज़ी से डिमांड बढ़ रही है, उसे पूरा करने के लिए यह क्षमता वृद्धि बेहद ज़रूरी है।
कंपनी की आर्थिक स्थिति और निवेश
Zelio E-Mobility ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में शानदार परफॉरमेंस दी थी। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 81.8% का बड़ा उछाल आया था और यह ₹313.68 करोड़ तक पहुंच गया था। इसी मजबूत आर्थिक आधार पर कंपनी ने अपने नए प्लांट में ₹1 करोड़ तक का निवेश किया है, जो पूरी तरह से कंपनी के अपने फंड (Internal Accruals) से किया गया है।
आगे क्या होगा?
कोयंबटूर का यह नया प्लांट शुरू में हर साल 24,000 से 30,000 यूनिट्स बनाने पर फोकस करेगा। यह प्लांट तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दक्षिण महाराष्ट्र जैसे अहम दक्षिणी बाजारों की ज़रूरतों को पूरा करेगा। कंपनी इस प्लांट में अपनी टीम को भी बढ़ा रही है, शुरुआत में 30 डायरेक्ट वर्कर्स होंगे और जल्द ही 100 से ज़्यादा लोगों को हायर करने की योजना है।
क्या हैं जोखिम?
इस विस्तार की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि Zelio E-Mobility कितनी तेज़ी से प्रोडक्शन बढ़ा पाती है और मार्केट की डिमांड को पूरा कर पाती है। साथ ही, फाइनेंशियल ईयर 2027 तक अपने डीलर नेटवर्क को 550 से ज़्यादा तक ले जाना भी एक बड़ी चुनौती होगी, जिसके लिए कंपनी को प्रभावी ढंग से काम करना होगा।
भविष्य के लिए ज़रूरी पहलू
निवेशक अब कोयंबटूर प्लांट में प्रोडक्शन की रफ़्तार पर नज़र रखेंगे। डीलर नेटवर्क का विस्तार और लगातार रेवेन्यू ग्रोथ कंपनी की प्रगति के अहम इंडिकेटर्स होंगे।
